Yesudas-sparks-row-by-resenting-women-wearing-jeansतिरुवनंतपुरम [ TNN ] जींस पहनने वाली महिलाओं के खिलाफ कॉमेंट पर घिरे गायक केजे येसुदास के बचाव में कई मुस्लिम संगठन आगे आए हैं। इन संगठनों का मानना है कि महिलाओं के पश्चिमी संस्कृति से प्रभावित होने के खिलाफ कला और संस्कृति के क्षेत्र से और अधिक आवाजें उठनी चाहिए।

समष्ठा केरल जम-इयात्थुल उलेमा के यूथ विंग सुन्नी यवजना संघम के महासचिव नजर फैजी कूडाथायी ने कहा कि नई पीढ़ी को अशोभनीय परिधानों के खतरे के बारे में बताकर येसुदास ने प्रशंसनीय काम किया है।

फैजी ने कहा, ‘महिलाओं के अशिष्ट परिधान पुरुषों में वासनात्मक प्रवृति को बढ़ाते हैं। महिला के शरीर का सार्वजनिक रूप से जुलूस नहीं निकलवाने देना चाहिए।’

तिरुवनंतपुरम में गांधी जयंती पर एक स्वैच्छिक संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में येसुदास ने कहा था कि जींस पहनकर महिलाओं को दूसरों के लिए समस्या पैदा नहीं करना चाहिए… जो ढकने लायक है उसे ढका जाना चाहिए।

जमात-ए-इस्लामी से संबंध रखने वाले गर्ल्स इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन (GIO) की राज्य इकाई की अध्यक्षा पी रुखसाना ने इस पर कहा, ‘पहनावे को लेकर केरल की एक संस्कृति है और टाइट जींस पहनना इस संस्कृति के खिलाफ है। हालांकि निजी स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है लेकिन उससे भी महत्वपूर्ण ऐसी चीजों से समाज को बचाना है।’

सलाफी संगठन केरल नदवाथुल मुजाहिदीन के यूथ विंग इथिहादू सुब्बानील मुजाहिदीन के राज्य इकाई के अध्यक्ष अब्दुल मजीद स्वालाही ने येसुदास के विरोध को गैर-जरूरी बताया। उन्होंने कहा, ‘टाइट ड्रेस से शरीर की पूरी रूपरेखा दिखाई देती है और ऐसा होना अपराधों को बढ़ाता है। हम हर महिला से पर्दे के लिए नहीं कह सकते लेकिन सभ्य परिधान को पसंद बनाया जा सकता है। मजीद ने आगे कहा, ‘समझदारी से भरे बयान पर किसी शख्स का विरोध करने से अच्छा होगा कि महिला संगठन भी लड़कियों के आत्मसम्मान को बचाने के लिए आगे आएं।’

इससे पहले 74 वर्षीय गायक येसुदास ने जींस जैसी पोशाक को भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताया था।

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