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मन की बात में मोदी ने किया खंडवा बैंक मैनेजर का जिक्र

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खंडवा- नोटबंदी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार ‘मन की बात’ करते हुए कहा कि यह निर्णय आसान नहीं था। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैंने पहले कहा था कि नोटबंदी का फैसला बहुत बड़ा है और स्थिति सामान्य होने में 50 दिन लगेंगे। साथ ही प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के बैंक मैनेजर का जिक्र करते हुए कहा, ‘मैं बैंककर्मियों की कड़ी मेहनत देख सकता हूं। नोटबंदी के बाद से ये दिन रात काम में जुटे हुए हैं।

खंडवा जिले के बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र के मैनेजर प्रदीप यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि मोदी जी द्वारा बैंक और बैंक के कर्मचारियों की सराहना करना गर्व की बात है। उनकी यह सराहना हमारे लिए गर्व की बात है हमें और प्रेरणा मिलेगी कि हम आगे भी इसी प्रकार कार्य करें और सभी बैंक कर्मचारियों को भी प्रेरणा मिलेगी।

बैंक मैनेजर प्रदीप यादव ने मीडिया कर्मियों को भी धन्यवाद दिया कि आप ने हमारा हौसला बढ़ाया और मीडिया कवरेज दिया जिससे और भी लोगों को इस तरह से अच्छा कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। नरेंद्र मोदी द्वारा नोटबंदी जैसे फैसले पर बैंक मेनेजर ने कहा कि अगर इससे देश का भला होगा तो हम 50 दिन क्या 100 दिन भी तकलीफ उठा सकते हैं।

क्या था मामला
यह बेहद भावुक कर देने वाला मामला मध्य प्रदेश के खंडवा शहर का है। यहां रहने वाले रिटायर्ड कर्मचारी छगनलाल एक हादसे का शिकार हो गए। इस वजह से उन्हें ऑपरेशन के लिए एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती किया गया। लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने नए नोट के बिना ऑपरेशन करने से इनकार कर दिया।

छगनलाल के परिजन पैसे निकालने बैंक पहुंचे तो वहां लोगों की लम्बी कतार थी। काफी देर बाद उनका नंबर आया तो घायल छगनलाल के हस्ताक्षर का मिलान नहीं होने से बैंककर्मियों ने पैसे देने में खुद को असमर्थ बताया। परिजन खाते में पैसे होने के बावजूद घंटों भटकते रहें। बैंक मैनेजर प्रदीप यादव की जानकारी में सारा मामला आया तो वह मदद के लिए खुद आगे आए।

मैनेजर यादव ने बैंक से 24 हजार रुपए लिए और सीधे अस्पताल पहुंच गए। यहां उन्होंने अपने अपने सामने ही बैकिंग से जुड़ी सारी प्रकिया पूरी कर छगनलाल को 24 हजार रुपए सौप दिए। मैनेजर प्रदीप यादव की इस नेक पहल से परिजनों को रुपए मिले, जिसके बाद ही छगनलाल का ऑपरेशन शुरू हो सका।

केंद्र सरकार ने 8 नवंबर की रात से 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बंद कर दिए, जिसके बाद देशभर में मारपीट, लाठीचार्ज और विवाद की खबरों के बीच खंडवा का यह मामला हर किसी के लिए मिसाल हैं।
रिपोर्ट- @जमील चौहान




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