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किशोर दा के हुनर के कायल थे नौशाद साहब

rehman son of musician naushad in kishore kumar birthplace khandwa खंडवा [ TNN ] ‘मुझे अफसोस है कि मेरे पिता नौशाद ने किशोरदा से एक भी गीत नहीं गवाया। दोनों के बीच मनमुटाव वाली कोई बात नहीं थी। नौशाद साहब किशोरदा के हुनर के कायल थे। उन्होंने एक बार किशोरदा को अपने संगीतबद्घ गीत फिल्म में गाने का ऑफर भी दिया था लेकिन गीत तैयार होने के बाद भी वह फिल्म में नहीं आ पाया।’

यह बात मशहूर संगीतकार नौशाद अली के पुत्र फिल्म निर्देशक रेहमान अली ने पत्रकार वार्ता में कही। रेहमान अली खंडवा पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने किशोरदा की समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्घांजलि दी। समाधि पर श्रद्घांजलि के दौरान वे भावविभोर हो गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि फिल्म ‘सुनहरा संसार’ में नौशाद अली ने किशोरदा से एक गीत गवाया था। वे हर गायक से छह से आठ घंटे रिहर्सल कराते थे। किशोरदा ने उनके साथ गाना तैयार किया लेकिन बदकिस्मती यह रही कि फिल्म लंबी होने की बात कहकर डायरेक्टर ने किशोरदा का गाया हुआ गीत काट दिया।

पत्रकार वार्ता में उन्होंने अपने पिता नौशाद अली की जिंदगी से जुड़े किस्से सुनाते हुए कहा कि संगीत के लिए उन्होंने घर तक छोड़ दिया था। रेहमान ने कहा कि खंडवा से उनके परिवार का रिश्ता करीब 50 साल पुराना है। खंडवा निवासी करीम बक्श के यहां नौशाद अली, शम्मी कपूर, जॉनी वॉकर और गुरुदत्त के साथ आया करते थे। आज भी सफर के दौरान ट्रेन खंडवा से गुजरती है तो मैं यहां कुछ पल के लिए जरूर उतरता हूं। रेहमान अली ने गौरीकुंज सभागृह में संगीत प्रेमियों, साहित्यकारों सहित शहरवासियों की कार्यशाला भी ली।

गौरीकुंज सभागृह में किशोर सांस्कृतिक प्रेरणा मंच के बैनर तले रेहमान अली संगीत प्रेमियों और शहरवासियों से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने कार्यशाला भी ली। वेस्टर्न और शास्त्रीय संगीत पर पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने संगीतकार नौशाद अली का शेर पढ़ते हुए कहा – अभी साजे दिल के तराने बहुत हैं, अभी जिंदगी के फंसाने बहुत हैं, दरे गैर पर भीख मांगों ना फन की, जब अपने ही घर में खजाने बहुत हैं..। रेहमान ने कहा कि हमारा कल्चर हमारा है। दो तरह के कलाकार होते हैं एक वो जो सुनकर हासिल करते हैं और दूसरे वे जो सीखकर प्राप्त करते हैं। उस्ताद या गुरु से सीखकर हासिल करने वाला ही बाजी मारता है।

टीवी चैनलों पर चलने वाले रियलिटी शो के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर रेहमान ने कहा कि शो आयोजित करने वालों को फिल्मी दुनिया से जुड़े लोगों से संपर्क करके विजेता बच्चों को मौका दिलाना चाहिए। अच्छा गायक और कलाकार में क्या गुण होने चाहिए इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अच्छे कलाकार और गायक में अच्छे इनसान होने का गुण जरूरी है। कार्यशाला में संगीत महाविद्यालय के विद्यार्थियों व शिक्षकों सहित किशोर सांस्कृतिक प्रेरणामंच, लायंस क्लब के पदाधिकारी व शहर के प्रबुद्घजनों ने संगीत व फिल्मी दुनिया से जुड़े प्रश्न पूछे।

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