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महादेव जानकर के बयान पर गरमाई राजनीति !

maharashtraमुंबई- महाराष्ट्र के मंत्री महादेव जानकर के बयान पर महाराष्ट्र की राजनीति गर्माई हुई है। महादेव जानकर ने परसों दशहरा के मौके पर अजीत पवार के बारे में विवादित टिप्पणी की थी जिसके बाद से हंगामा हो रहा है। एनसीपी मंत्री को हटाने की मांग कर रही है।

शरद पवार के एक स्कूल के बारामती हॉस्टल में घुसकर राष्ट्रीय समाज पक्ष के कार्यकर्ताओं ने शरद पवार के पोस्टर पर कालिख फेंकने की कोशिश की। जिसके बाद स्कूल में मौजूद लोगों ने पकड़कर इन लोगों की पिटाई कर दी।

बता दें कि परसों राष्ट्रीय समाज पक्ष के प्रमुख और राज्य के दूध विकास मंत्री महादेव जानकर के बयान से पूरा विवाद शुरू हुआ है। भगवानगढ़ की दशहरा रैली में जानकर ने शरद पवार के भतीजे अजीत पवार पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। राष्ट्रीय समाज पक्ष के अध्यक्ष महादेव जानकर ने बारामती पर आरोप लगाया कि ग्रामविकास मंत्री पंकजा मुंडे को बदनाम करने की सुपारी बारामती ने दी है।

बढ़ सकता है विवाद
-महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण और अन्य मांगों को लेकर मूक मोर्चाओं का आयोजन किया जा रहा है।
-इसके जवाब में ओबीसी समाज द्वारा भी मोर्चा निकालने का प्रयास भी हो रहा रहा है।
-एेसे में महादेव जानकर ने एनसीपी नेता अजित पवार की कड़ी आलोचना करने से मराठा और धनगर के बीच विवाद बढ़ने की संभावना है।
-जानकर के खिलाफ कुछ मराठा वकीलों ने कोर्ट में जनहित याचिका दायर करन का निर्णय लिया है।
-कुछ साल पहले एनसीपी नेता अजित पवार के बयानबाजी के कारण पार्टी बैकफूट पर गई थी।
-वहीं अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस सरकार के खिलाफ एनसीपी को कोई मुद्दा नहीं बचा था।
-लेकिन अब की सरकार में मंत्री बने महादेव जानकर ने एनसीपी नेता अजित पवार की कड़ी आलोचना करने से एनसीपी को नया मुद्दा मिला।
-जानकर के इस बयानबाजी के खिलाफ सोशल मीडिया में भी कमेंट्स पास हो रहे हैं। राज्यभर में उनके विरोध में एनसीपी कार्यकर्ता आंदोलन कर रहे हैं।
-बता दें कि भगवान गढ़ पर दशहरे के मौके पर रैली को संबोधित करते समय जानकर ने अजित पवार और बारामती चुनाव क्षेत्र को लेकर विवादित बयान दिया था।

जानकर ने क्या दी सफाई ?
-महादेव जानकर ने आज तीसरे दिन अपना पक्ष मीडिया के सामने रखते कहा कि, मैं गरीबों का प्रतिनिधि हूं।
-लेकिन मैं सांस्कृतिक तौर पर गरीब नहीं हूं इसलिए मैंने किसी को गाली नहीं दी या किसी का व्यक्तिगत अपमान नहीं किया।
-ग्रामीण इलाकों में भ्रष्टाचारियों के लिए प्रचलित शब्द का ही मैंने इस्तेमाल किया था। इससे पहले भी मैंने इस तरह के भाषण दिए थे।
– भगवान गढ़ पर किए गए मेरे भाषण का गलत अर्थ निकाला गया। महाराष्ट्र में सबसे बड़ा सिंचाई घोटाला किसने किया है यह सबको पता है। [एजेंसी]




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