जिन्ना वाली आजादी चाहिए या भारत माता की जय दिल्ली की जनता तय करे – केंद्रीय मंत्री

नई दिल्ली : शाहीन बाग में चल रहे सीएए विरोधी प्रदर्शन का हवाला देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली के लोगों को यह तय करने की जरूरत है कि वे ‘जिन्ना वाली आजादी’ चाहते हैं या ‘भारत माता की जय’।

जावडे़कर ने आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस पर अल्पसंख्यकों के दिमाग में ‘जहर घोलने’ का भी आरोप लगाया।

उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया पर एक विडियो वायरल हुआ था जिसमें प्रदर्शनकारी ‘जिन्ना वाली आजादी’ के नारे लगाते देखे गए हैं।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री और बीजेपी के दिल्ली प्रभारी जावड़ेकर ने दिल्ली में हुई हिंसा के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि आज यह बात सामने आ गई है कि यहां दोनों पार्टियों की शह पर हिंसा हुई थी।

जावडे़कर ने यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘जामिया, सरिता बिहार, जसोला की सड़कें बंद हैं। इन इलाकों में रहने वालों को खासा परेशानी हो रही है। दिल्ली की जनता को इनसे सवाल पूछना चाहिए कि हिंसा करने वालों ने किसकी सहमति से आगजनी की। हिंसा भड़काने वाले को आम आदमी पार्टी ने टिकट क्यों दिया।’

जावड़ेकर ने विपक्षी पार्टियों पर बरसते हुए कहा, ‘दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने गुरुवार को शाहीन बाग के बारे में जो कहा, उससे साफ हो गया है कि जामिया में होने वाले आंदोलन के पीछे कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का हाथ है।

कांग्रेस नेता वहा पहुंचकर गालियां दे रहे थे। उनके साथ नारे लगा रहे हैं, ‘हमें जिन्ना वाली आजादी चाहिए। अब दिल्ली की जनता को तय करना है कि उनको कौन-सी आजादी चाहिए। अब इन लोगों की वजह से बच्चों में नफरत आ रही है।’

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘हम नागरिकता कानून इसलिए लेकर आए, क्योंकि बांग्लादेश से कई शरणार्थी भारत आए हैं, जो वहां की धार्मिक हिंसा के बाद हमारे देश मे वापस आ गए। वे पिछले 15-20 सालों से हमारे देश में रह रहे हैं। उनको हम अधिकार दे रहे हैं, लेकिन कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं कि बाहर से आने वालों को नागरिकता दी जाएगी और यहां रह रहे लोगों की नागरिकता ले ली जाएगी। हम दावा करते हैं कि इस कानून से किसी भी नागरिक की नागरिकता नहीं जाएगी।’

उन्होंने कहा, ‘असम में एनआरसी कांग्रेस लेकर आई थी, हम नहीं। सबसे बड़ी विडंबना है कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी जो बात करती है, वही पाकिस्तान भी कहता है।’