भुवनेश्वर : ओडिशा में अंधविश्वास ने एक 9 साल की बच्चे की जान ले ली है, जहां उसके घर के सदस्यों ने ही मिलकर अपने छोटे भाई का सिर कलम कर दिया। ओडिशा पुलिस ने दो सप्ताह पहले हुई बच्चे की मौत की गुत्थी सुलझी दी है, जिसमें कहा गया है कि बच्चे के चाचा और चचेरे भाई ने इस हत्या को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक, नवरात्री में मां दुर्गा को खुश करने के लिए उन दोनों ने बच्चे की हत्या कर दी।

पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मां दुर्गा को खुश कर अपनी मनोकामना पूरी कराने के लिए मृतक के चाचा कुंजा राणा और चचेरे भाई संभावन राणा ने 9 साल के घनश्याम राणा की हत्या कर दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि नवरात्री में बलि देने से मां दुर्गा खुश होती है, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया। फिलहाल पुलिस के सामने दो आरोपियों में से एक ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया है।

यह घटना बलांगीर जिले के सुंधीमुंडा गांव की हैं, जहां 9 साल के एक बच्चें को 13 अक्टूबर को मार दिया गया। पुलिस के मुताबिक, इस क्षेत्र में अंधविश्वास और काले जादू पर विश्वास करना कोई नई बात नहीं है, ऐसी ही घटना पिछले साल 2017 में भी देखने को मिली थी।

ओडिशा के ग्रामीण इलाकों में कई तांत्रिक और जादू टोना करने वाले साधु इस प्रकार के जघन्य अपराध करने के लिए लोगों पर दबाव डालते हैं या उन्हें बहलाते फुसलाते हैं।