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सूडान में फंसे भारतीयों लिए ऑपरेशन संकट मोचन

Operation, Sankat Mochan, IAF , airlift, Indians, South Sudanनई दिल्ली : दक्षिण सूडान में जारी गृह युद्ध में फंसे सैकड़ों भारतीयों को सुरक्षित निकालने का अभियान शुरू हो गया है। विदेश मंत्रालय ने रक्षा मंत्रालय के सहयोग से इसके लिए ‘ऑपरेशन संकट मोचन’ शुरू किया है। इस बार भी इस अभियान की अगुवाई विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह करेंगे। पिछले वर्ष यमन से 4000 भारतीयों और विदेशी नागरिकों को बाहर निकालने वाले अभियान का सिंह ने सफलतापूर्वक संचालन किया था। संकट मोचन का उद्देश्य लगभग तीन सौ भारतीयों को दक्षिण सूडान की राजधानी जूबा से सुरक्षित बाहर निकालना है।

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बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ट्वीट कर दक्षिण सूडान में फंसे भारतीयों को वहां से जल्दी निकालने की अपील की। इस पर विदेश मंत्री ने जवाब देते हुए कहा, ‘चिंता नहीं करें, हम जूबा (दक्षिण सूडान की राजधानी) से भारतीयों को निकाल रहे हैं।’ सुषमा ने यह भी कहा कि वहां के हालात का जायजा लेने के लिए एक टास्क फोर्स बनाई गई है।

सूत्रों के अनुसार हालात को देखते हुए यह अभियान यमन में किए गए आपरेशन से भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इसके बारे में ट्विटर पर जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि दक्षिण सूडान में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए आपरेशन संकट मोचन शुरू किया जा रहा है। ऑपरेशन की अगुवाई मेरे सहयोगी जनरल वीके सिंह करेंगे। स्वराज ने इसके लिए रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिक र को भी बधाई दी है। दरअसल, ऑपरेशन को वायुसेना की एक टीम ही लागू करेगी, लेकिन स्थानीय स्तर पर समन्वय बनाने व स्थानीय सरकारों से बात करने आदि के लिए विदेश मंत्रालय के कुछ आला अधिकारी साथ होंगे।

इसमें सचिव अमर सिन्हा, संयुक्त सचिव सतबीर सिंह और निदेशक अंजनी कुमार भी शामिल होंगे। जूबा में भारतीय उच्चायुक्त श्रीकुमार मेनन और उनकी टीम के अन्य लोग भी पूरे ऑपरेशन से जुड़े रहेंगे। बहरहाल, विदेश मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि ऑपरेशन संकट मोचन में भारतीय वायुसेना के दो सी-17 जहाज का इस्तेमाल किया जाएगा। सिर्फ उन भारतीयों को बाहर निकाला जाएगा जिनके पास वैध भारतीय यात्रा दस्तावेज होगा। हर व्यक्ति को सिर्फ पांच किलो सामान साथ ले जाने की अनुमति होगी। महिलाओं और बच्चों को वरीयता दी जाएगी।

एक अनुमान के मुताबिक, जूबा व इसके आसपास के इलाकों में 600 भारतीय हो सकते हैं। हालांकि, भारतीय दूतावास के पास सिर्फ 300 भारतीयों ने ही वापसी के लिए अपना पंजीयन कराया है।

गौरतलब है कि विदेश मंत्रालय की तरफ से कई बार चेतावनी जारी होने के बावजूद भारतीय वहां रह रहे हैं। लेकिन हालात बिगड़ जाने के बाद उनके पास बाहर निकलने के सिवाय और कोई रास्ता नहीं है।

फंसे भारतीयों के लिए हेल्पलाइन नंबर

विदेश मंत्रालय ने सूडान में फंसे भारतीयों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

+211955589611

+211925502025

+211956942720

+211955318587

इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने दक्षिण सूडान में फंसे भारतीयों से ईमल आईडी [email protected] पर अपना रजिस्ट्रेशन कराने को भी कहा है।

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