भारत के बहुसंख्यक वर्ग के बारे में बिना सोचे लॉकडाउन क्रूरता है – ओवैसी

दिल्ली से मजदूरों को बसों में भर कर भेजा जा रहा है। वहीं तेलंगाना में उनके पास कोई बैंक खाता, कोई राशन कार्ड और कोई सुरक्षा जाल नहीं है? अगर यूपी अपने प्रवासियों को वापस ले सकता है, तो क्या तेलंगाना को भी ऐसा करना चाहिए?” उन्होंने सवाल उठाया कि यह किस तरह का लॉकडाउन है जहां प्रवासियों को यात्रा करने की अनुमति है।

कोरोना वायरस के मद्देनजर देश भर में 21 दिनों का लॉकडाउन लगा हुआ है लेकिन इसी बीच दिल्ली और आस-पास के शहरों से मजदूरों का पलायन एक बड़ी संस्या बन गई है। अब इसको लेकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार समेत राज्य सरकारों पर बड़ा हमला बोला है।

प्रवासियों के पलायन को लेकर राज्यों सरकारों पर तीखा हमला करते हुए उन्होंने कहा,” उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार की सरकारें इन फंसे प्रवासियों के लिए कुछ नहीं कर रही हैं। उनकी जिंदगी के साथ खिलवाड़ हो रहा है। भारत के बहुसंख्यक वर्ग के बारे में बिना सोचे लॉकडाउन क्रूरता है।”

दिल्ली से मजदूरों को बसों में भर कर भेजा जा रहा है। वहीं तेलंगाना में उनके पास कोई बैंक खाता, कोई राशन कार्ड और कोई सुरक्षा जाल नहीं है? अगर यूपी अपने प्रवासियों को वापस ले सकता है, तो क्या तेलंगाना को भी ऐसा करना चाहिए?”

उन्होंने सवाल उठाया कि यह किस तरह का लॉकडाउन है जहां प्रवासियों को यात्रा करने की अनुमति है।

बता दें कि राजधानी दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों में भारी तादाद में लोग अपने घरों की तरफ लौट रहे हैं। शनिवार को और आज भारी तादाद में लोग बस अड्डों पर आए हैं जिससे संकट भरे हालात पैदा हो गए हैं।