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एक महिला पत्रकार का दर्दनाक सच !

Painful truth of a female journalist

मुंबई [ TNN ] देश में दामिनी रेप काण्ड की तरह आज भी कई ऐसे मामले हैं। जो दबे या कुचले जातें हैं। जिसकी आवाज़ न तो मीडिया तक न ही सरकार तक पहुँचती है। जब कोई सन्देश के माध्यम से किसी को न्याय दिलाने के लिए आगे बढ़ता है। तब इस तरह की आवाज़ बुलंद होती है। अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध आज एक ऐसा ही मामला सामने आया है। जिसका नाम शैफाली है। वो उत्तर प्रदेश की रहने वाली है। उसने अपने ऊपर हुए अन्याय और अत्याचार के खिलाफ छत्तीसगढ़ रायपुर ज्यूरिडिक्शन के एन आई आई टी में कार्यरत विनय प्रताप के विरुद्ध और प्रशासन के विरुद्ध आवाज़ बुलंद कर दी है।

पीड़िता शैफाली द्वारा दिए गए सबूत मुख्या दस्तावेज और जानकारी के मुताबिक यह बताया गया है। की उसके साथ विनय प्रताप सिंह नमक एक लड़के ने उसके साथ नाबालिक अवस्था में जबरदस्ती कर रेप किया था। यह सारा मामला उत्तर प्रदेश का था। इस मामले में विनय प्रताप पर रेप का मामला भी दर्ज किया गया था। फिर उसने शैफाली को बहला फुसला कर अपनी पत्नी मानने और उसको अपने साथ रखकर सभी पत्नी धर्म के अधिकार देने और सुख सुविधा देने के लिए तैयार हो गया था। फिर कुछ दिनों बाद में वो छत्तीसगढ़ के रायपुर में एन आई आई टी में प्रवक्ता के पद पर काम करने लगा। की वो रायपुर में सैटल हो कर शैफाली को अपने साथ ले आएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

विनय के दिमाग में शैतानी स्कीम चल रही थी। की वो अब कभी भी शैफाली को अपने साथ कभी नहीं रखेगा। इस बात का एहसास शैफाली को जब हुआ। तो वो रायपुर के लिए रवाना हुयी। वहां पर एन आई आई टी में पहुँच कर उसने दो घंटे तक विनय का इन्तजार किया जब वो मिलने से इंकार किया तो दोनों में बहस और झगड़ा हुआ। यह इस बात को साबित करता है। की यदि शैफाली का विनय से कोई सम्बन्ध नहीं होता तो इन दोनों में कोई झगड़ा नहीं होता। इस पर सरस्वती पुलिस ठाणे में मामला भी दर्ज किया गया है। लेकिन पुलिस ने विनय को गिरफ्तार नहीं किया है। उल्टा पुलिस यह कहती है। की हम लड़की को बहुत ज्यादा मदद कर चुके हैं।

दिमाग ख़राब हुआ तो हम इसको भी जेल में डाल देंगे। पीड़िता शैफाली को या तो पत्नी का हक्क मिले या फिर विनय को जेल में डाल दिया जाए। आम आदमी की बात तो बहुत अलग है। लेकिन एक महिला पत्रकार के साथ क्या हो रहा है। रायपुर में, ये एक समझने वाली बात है। एक बार दिल्ली में दामिनी रेप काण्ड में न्याय के लिए जनता द्वारा बहत तेज़ आवाज़ बुलंद हई थी। कई सारी संस्थाएं और कई लोग सामने आये थे। शैफाली के लिए भी संस्थाएं उसकी मदद करने के लिए तैयार हैं।

शैफाली ने कहा है। की यदि उसे इन्साफ नहीं मिला तो वो अनशन करेगी नहीं तो छत्तीसगढ़ मुख्य न्यायधीश महोदय अर्जी कर फांसी या इच्छा मृत्यु की मांग करेगी। प्रधान मंत्री मोदी जी कहतें हैं। की अगर कोई भी महिला माँ, बहन पर अत्याचार होता है। तो शीघ्र कार्यवाई की जाए। लेकिन शैफाली मामले में ऐसा नहीं हो रहा है। उल्टा पुलिस अपराधी को ही मदद कर रही है। अब देखना यह है। की शैफाली को न्याय मिलता है। या नहीं, वो अपनी लड़ाई में कामयाब होती है। या नहीं, छत्तीसगढ़ सरकार उसकी क्या मदद करती है।
रिपोर्ट -अजय शर्मा

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