टोक्यो – जापान की संसद के ऊपरी सदन में गुरुवार को एक ऐसा बिल पास किया गया जिसको लेकर सांसदों में जमकर हाथापाई हो गई। इस बिल के अनुसार जापान दूसरे विश्वयुद्ध के बाद अब पहली बार सेना को देश से बाहर लड़ाई के लिए भेज सकेगा। बिल को पेश किए जाते वक्त कई सांसद जो इसके विरोध में थे वह एक दूसरे के ऊपर चढ़ गए और चेयरमैन का माइक्रोफोन छीनने की कोशिश की। वे किसी भी हाल में बिल पेश नहीं होने देना चाहते थे। संसद का नजारा किसी अखाड़े जैसा हो चला था। सूट-बूट पहले कमेटी मेंबर्स एक दूसरे को धकियाते-खींचते और शोर मचाते रहे। इस दौरान पीएम शिंजो आबे भी वहीं मौजूद थे, जो अपनी आंखों के सामने यह सब होता देख रहे थे।

लोगों में इस बिल को लेकर विरोध की हालत यह थी कि बारिश के बावजूद करीब 500 लोग रेनकोट पहने इस बिल के विरोध में संसद के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। वे अपने छातों को हिलाकर कह रहे थे कि इस बिल को रोको। कुछ ने पीएम शिंजो की तस्वीरें हाथों में ली हुई थीं जिसमें वह हिटलर के लुक में दिखाई दे रहे थे। इस बिल का विरोध कर रहे 13 प्रदर्शनकारियों को हालांकि बुधवार को ही गिरफ्तार किया गया था। हालांकि इतने व्यापक स्तर पर हुए विरोध के बावजूद इस बिल को पास होने से नहीं रोका जा सका और यह बिल संसद में पास हो गया। अमेरिका ने भी इसका स्वागत किया है।

 

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