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पठानकोट आतंकी हमला : पाकिस्तान से दोस्ती और घात

Pathankot terror attack  friendship and ambushमहज आठ दिन भी नहीं हुए माननीय प्रधानमंत्री को पाकिस्तानी यात्रा से लौटे हुए,और नववर्ष के उपलक्ष्य मे नवाज सरकार के रहमो तले पल रहे अलकायदा,लश्कर ऐ तैयबा, जैश ए मोहम्मद आदि मे से जैश ए मोहम्मद ने पंजाब एयरबेस पर एक बार फिर हमला कर अपनी घिनौनी हरकत का परिचय दे ही दिया। एयरबेस मे हुए आतंकी हमले मे चार आंतकी ढेर हुए जबकि तीन जवान शहीद हुए है।इस हमले कि निन्दा करते हुए माननीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ा रूख अख्तियार करते हुए पलटवार की बात कही,गृहमंत्री ने कहा कि इस हमले मे पाकिस्तान का हाथ हैं ।

लेकिन इसमें नयी बात कौन सी हैं अभी तक भारत मे जितने भी हमले हुए है उन सभी हमलों का दोषी लगभग लगभग पाकिस्तान ही है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री या विदेश सचिव अमेरिका या अन्य देशों के सामने कहता आया हैं कि हम आतंकवाद से निपटने के लिए एकजुट होकर सामने आयेगे,लेकिन नवाज सरकार की बातें सिर्फ बाते ही साबित हो रही हैं।

हाफ़िज़ सईद जिसे एक आतंकवादी करार किया जा चुका है वह पुरी शान ओ शौकत से पाकिस्तान मे सभाएँ कर जहर ऊगलता है लेकिन नवाज सरकार उसके खिलाफ कुछ नही कर रही है। इससे एक बात तो स्पष्ट है कि पाकिस्तान भारत के साथ साथ पूरे विश्व से दोगला व्यवहार कर रहा हैं,एक ओर वह गले मिलकर कहता हैं कि हम शांति कायम करना चाहते है लेकिन अगले ही पल वह गले मिलते ही पीठ मे छूरा घोप देता है। अतः पाकिस्तान के इस दोगले रवैये से निपटने के लिए हमारी सरकार को भी चाहिए की हम बयानी तीरों के साथ साथ अब कमानी तीरों का भी प्रयोग करे तथा पाकिस्तान को ईट का जवाब पत्थर से दे तभी वह दोस्ती और घात का फर्क समझेगा। वह कहावत हैं न कि “लातो के भूत बातों से नहीं मानते”।

पंकज कसरादे ‘बेखबर’ मुलताई

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