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पाषाण युग की तरह जीते है मध्यप्रदेश के इस गांव के लोग

डिंडोरी: डिंडोरी समनापुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत जाताडोंगरी के पोषक ग्राम बरगा के अगरिया टोला के रहवासी आजादी के कई दशक बीतने के बाद भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।टोला की स्थिति देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां के लोग पाषाण युग का जीवन जीने को मजबूर हैं।इन अनुसूचित जाति के गरीबों के लिए सरकार कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है इसके बाद भी योजनाएं महज सरपंच सचिव की लापरवाही से ग्राम पंचायत तक ही सिमट कर रह गई हैं।

लकड़ी कोयला बेचकर गुजारा

स्थानीय लोगों की माने तो सरपंच सचिव शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कमीशनखोरी करते हुए गरीबों से मोटी रकम मांगते हैं, जो टोला के आदिवासी देने में असमर्थ हैं।यहां निवासरत आदिवासी जलाऊ लकड़ी और कोयला बेचकर किसी तरह अपना पेट पाल रहे हैं। इनके पास न रहने को घर है और न पीने को साफ पानी है।

लोग घास,पत्तों और झोपड़ी में रहने को मजबूर
यहां पत्तों और झाड़ियों में रहकर अपना और अपनी बेटियों का पेट पालने वाली 40 वर्षीय गरीब महिला नान बाई का कहना है कि विगत दस वर्षों से पति व 2 बेटियों के साथ झोपड़ी में रहकर लकड़ी,कोयला विक्रय कर जीवन यापन कर रहे थे लेकिन 6 वर्ष पूर्व पति राजकुमार मुझे व बेटियों को छोड़कर किसी अन्य महिला के साथ भाग गया अब किसी का सहारा नहीं है।

गौर करने वाली बात तो यह है कि सरपंच सचिव के समक्ष कई बार महिला के मिन्नत करने पर भी आज तक किसी भी प्रकार का कोई दस्तावेज नहीं बन सका है (आधार कार्ड,राशन कार्ड आदि) जिससे शासकीय योजनाओं से वंचित रहना पड़ रहा है।

बना रहता है जंगली जानवरों का खतरा

इसी तरह दूसरा मामला वृद्ध विकलांग वीर सिंह पिता डंगरू का प्रकाश में आया है, पंचायत कर्मियों की लापरवाही से इसका आवास 3 वर्ष पूर्व अगरिया टोला से एक किमी दूर अन्य बस्ती में बना दिया गया तथा शौचालय अगरिया टोला में झोपड़ी के किनारे निर्माण करा दिया गया है जिससे वृद्ध परिवार परेशान है।

नहीं है पानी रोड सुविधा

अगरिया टोला में एक कुआं और दो हैंडपंप है। कुआं के सूखने व हैडपंप के कई महीनों से खराब होने के चलते गरीब आदिवासी झारिया खोद कर गंदा पानी पी रहे हैं। झारिया से छोटे छोटे बच्चे भी पानी निकालते हैं जिससे अप्रिय घटना होने का अंदेशा बना रहता है।

अगरिया टोला के आदिवासियों का कहना है कि बरगा गांव से अगरिया टोला तक मिट्टी मुरुम का घटिया रोड निर्माण कराया गया है जिसमें काली मिट्टी डालकर अधूरा छोड़ दिया गया है अगर रोड की स्थिति यूँ ही रही तो बारिश के मौसम में चलना दूभर हो जाएगा।

अपात्रों को दे दिया आवास

ग्राम बरगा अगरिया टोला के गरीबों का कहना है कि वे कई बार गांम पंचायत में आवास के लिए आवेदन दे चुके हैं। इसके बाद भी सरपंच,सचिव पात्र हितग्राहियो को आवास न देकर अपात्र लोगों को लाभ पहुंचा रहे हैं।

अगरिया टोला के रहवासियों के झोपड़ी की हालत काफी खस्ताहाल है।
कभी भी तेज आंधी तूफान आने पर झोपड़ी उड़ सकती है। ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से मांग की है कि उन्हें भी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

क्या कहते हैं अधिकारी

मुझे इन सभी मामलों की जानकारी नहीं है दिखलाता हूं ।

एन.के.साहू
जनपद सीईओ समनापुर

मेरे सज्ञान में नहीं है अगर अगरिया टोला के दोनों हैंडपंप खराब हैं तो उसे तुरंत दुरुस्त करवाता हूं

ए.के.गुप्ता
सहायक यंत्री (पीएचई) समनापुर

रिपोर्ट @दीपक नामदेव 

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