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मधुमेह में कसरत कीजिए मगर संभलकर !

physical exercise

मधुमेह रोगियों के लिए अनुशासित जीवनशैली बहुत महत्वपूर्ण है और नियमित व्यायाम इस जीवनशैली का अहम हिस्सा है। अतः यदि आप मधुमेह से ग्रस्त हैं तो कसरत जरूर कीजिए… मगर रुकिए! अपने मन से कोई भी कसरत कर लेना आपके लिए खतरनाक हो सकता है।

मधुमेह रोगियों का शरीर ब्लड शुगर, इंसुलिन तथा दवाइयों के बीच एक नाजुक संतुलन बनाता हुआ चल रहा होता है। अतः इसे कसरत में झोंकने से पहले कई बातों का ध्यान रखना जरूरी है। मधुमेह शरीर के लगभग हर महत्वपूर्ण हिस्से पर प्रभाव डालता है। ऐसे में कसरत का चयनबहुत सोच-समझकर करना जरूरी हो जाता है। उदाहरण के लिए लंबे समय से मधुमेहग्रस्त लोगों में हृदय रोग की आशंका बढ जाती है। ऐसे में हृदय पर अधिक दबाव डालने वाली कसरत खतरनाक सिद्ध हो सकती है। सीने में दर्द, अनियमित हृदय गति तथा दिल का दौरा पडने की आशंका भी रहती है।

मधुमेह रोगियों की आँखों के परदे (रेटिना) में विकार की आशंका भी रहती है। ऐसे में वजन उठाने या साँस रोकने संबंधी व्यायाम से आँखों में रक्तस्राव तथा रेटिना के अपने स्थान से उखड जाने का खतरा रहता है।

अतः मधुमेह से ग्रस्त व्यक्तियों को किसी भी प्रकार का एक्सरसाइज प्रोग्राम अपनाने से पहले चिकित्सकीय परीक्षण जरूर करा लेना चाहिए। इसके तहत तंत्रिकाओं की क्षति का परीक्षण, रेटिना का परीक्षण तथा हृदय का परीक्षण शामिल है। जो व्यक्ति सल्फोनिलयूरिया की गोलियाँ अथवा इंसुलिन लेते हैं, उन्हें कसरत शुरू करने से पहले अपना शुगर का स्तर जाँच लेना चाहिए। यदि शुगर 250 मिग्रा- डेसीलीटर से अधिक है तो कसरत करने से पहले इसे नीचे लाना जरूरी है। यदि यह 100 मिग्रा- डेसीलीटर से कम है तो कसरत से पहले हल्का नाश्ता कर इसे ठीक करना जरूरी हो जाता है।

मधुमेह रोगियों को हायपोग्लायसीमिया (कम ब्लड शुगर) की समस्या से निपटने के लिए हर दम तैयार रहना चाहिए। उन्हें कसरत के दौरान अपने साथ कुछ बिस्किट या चॉकलेट हमेशा रखना चाहिए। जैसे ही हायपोग्लायसीमिया के लक्षण दिखाई देने लगें, कसरत रोककर इनका सेवनकर लेना चाहिए। मधुमेह की स्थिति में डिहायड्रेशन (निर्जलीकरण) सामान्य से अधिक खतरनाक सिद्ध हो सकता है। अतः पसीने के रूप में शरीर से बाहर निकल गए पानी की पूत के लिए पानी पीते रहना चाहिए।

यदि तंत्रिकाएँ क्षतिग्रस्त हो गई हों तो दौडने, कूदने, जॉगिंग करने जैसे व्यायाम से बचना चाहिए। इनसे उनको तथा जोडों को नुकसान पहुँच सकता है। हाँ, पैदल चलना, तैराकी करना अथवा साइकल चलाना सुरक्षित है। कुल मिलाकर सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। औरजो भी व्यायाम करें चिकित्सक की सलाह लेकर ही करें।

इनका रखें खयाल
– हृदय – आँखें – तंत्रिकाएँ – ब्लड शुगर स्तर

बरतें ये सावधानियाँ
– कसरत से पहले जाँचें ब्लड शुगर

– बिस्किट- चॉकलेट साथ रखें

– पानी पीते रहें

– हर कदम डॉक्टर की सलाह से उठाएँ

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