simhatha-kumbh-mela-उज्जैन – ग्रह-नक्षत्र की चाल सिंहस्थ-2016 पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। प्रशासन को आपदा प्रबंधन के बेहतर उपाय करने चाहिए।
यह बात ज्योतिष सम्राट ऋषभचंद्र विजयजी ने यहां मीडिया से चर्चा में कही है। कैसी प्रतिकूल स्थिति बन सकती है, इस सवाल पर कहा कि संबंधित ग्रह के अनुसार कुप्रभाव हो सकता है।

सिंहस्थ के दरमियान शनि, मंगल बृहस्पति से चतुर्थ होंगे तथा ये ग्रह सूर्य के साथ षड़ाष्टक योग बना रहे हैं। ग्रहों की यह स्थिति आशंका पैदा करने वाली है। वर्ष 1921 के सिंहस्थ में भी ग्रहों की स्थिति लगभग ऐसी ही थी। उस समय भी कुछ परेशानी आई थी। हालांकि उन्होंने कहा कि महाकाल की कृपा से सब अच्छा होगा।

संतश्री ने वर्तमान ग्रहों की चाल अनुसार 22 अगस्त तक वर्षा का जोर बताया। उज्जैन नगर निगम चुनाव को लेकर कहा वर्ष-2004 में देश के कई मुख्यमंत्री के बदलाव की भविष्यवाणी की थी। पूर्ण बहुमत के बावजूद मप्र में मुख्यमंत्री बदल गए थे। इसके बाद से भविष्यवाणी करना बंद कर दिया है। ऋषभचंद्रजी तथा मुनिश्री रजतचंद विजयजी श्री माणिभद्रधाम तीर्थ भैरवगढ़ में चातुर्मास के लिए विराजित हैं।

 

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