पीएम मोदी ने कहा- भारत अमेरिका से दोगुनी आबादी का भरण-पोषण कर रहा, वो भी बिना पैसे लिए

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत में 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। इसका बहुत बड़ा लाभ बनारस के भी गरीबों को, श्रमिकों को हो रहा है। आप कल्पना कर सकते हैं कि भारत, अमेरिका से भी दोगुनी आबादी से एक पैसा लिए बिना उनका भरण-पोषण कर रहा है। 

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहे हैं। इस बैठक में वह कोरोना वायरस संकट के कारण लागू लॉकडाउन के दौरान उनके द्वारा खाद्यान्न वितरण एवं अन्य सहायता पहुंचाने संबंधी प्रयासों के बारे में चर्चा कर रहे हैं।

बैठक में पीएम मोदी ने कहा, यह सावन का महीना है, ऐसे में वाराणसी के लोगों के साथ बात करना भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने जैसा लगता है। यह भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद है कि कोविड-19 संकट के दौरान भी हमारा वाराणसी उत्साह से भरा है।

उन्होंने कहा कि वे सभी लोग जिन्होंने कोविड-19 संकट के दौरान काम किया, ऐसा नहीं है कि उन्होंने केवल अपनी जिम्मेदारियों को निभाया। कोरोना के चलते एक डर था। लोगों के बीच ऐसी स्थिति में स्वेच्छा से आगे आना सेवा का एक नया रूप है।

काशी ने कोरोना का डटकर मुकाबला किया
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये भगवान शंकर का ही आशीर्वाद है कि कोरोना के इस संकट काल में भी हमारी काशी उम्मीद से भरी हुई है, उत्साह से भरी हुई है। ये सही है कि लोग बाबा विश्वनाथ धाम नहीं जा पा रहे? ये सही है कि मानस मंदिर, दुर्गाकुंड, संकटमोचन में सावन का मेला नहीं लग पा रहा है।

उन्होंने कहा कि लेकिन ये भी सही है कि इस अभूतपूर्व संकट के समय में मेरी काशी और हमारी काशी ने संकट का डटकर मुकाबला किया है। आज का ये कार्यक्रम भी तो इसी की एक कड़ी ही है।

खाना बांटने में गाड़ी कम पड़ी तो पोस्टल विभाग ने तैनात किए अपने वाहन
मोदी ने कहा कि आप सभी के लिए, तमाम संगठनों के लिए, हम सभी के लिए ये बहुत सौभाग्य की बात है कि इस बार गरीबों की सेवा का माध्यम भगवान ने हमें बनाया। एक तरह से आप सभी मां अन्नपूर्णा और बाबा विश्वनाथ के दूत बनकर हर जरूरतमंद तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि मुझे बताया गया है कि जब जिला प्रशासन के पास भोजन बांटने के लिए अपनी गाड़ियां कम पड़ गईं तो डाक विभाग ने खाली पड़ी अपनी पोस्टल वैन इस काम में लगा दीं। सोचिए, सरकारों की, प्रशासन की छवि तो यही रही है कि पहले हर काम को मना किया जाता है।

यूपी में कोरोना को लेकर शंकाएं थी, लेकिन लोगों इसे ध्वस्त किया
पीएम मोदी ने कहा कि 100 साल पहले भी इसी तरह की महामारी आई थी, कहा जाता है कि तब भारत में जनसंख्या इतनी बड़ी नहीं थी। फिर भी, उस समय, भारत उन देशों में से एक था, जिसमें सबसे ज्यादा मौतें हुई थीं। इसीलिए इस समय पूरी दुनिया भारत के लिए चिंतित थी।

उन्होंने कहा कि जब इस बार महामारी आई, तो सभी भारत को लेकर डरे हुए थे। इतनी आबादी, इतनी चुनौतियां, बड़े-बड़े विशेषज्ञ निकल आए थे भारत पर सवाल खड़े करने के लिए। इसमें भी 23-24 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश को लेकर तो शंकाएं-आशंकाएं और भी ज्यादा थीं।

मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के समान जनसंख्या वाले ब्राजील जैसे विशाल देश में कोरोना के कारण लगभग 65,000 लोगों की मौत हुई है। जबकि उत्तर प्रदेश में, लगभग 800 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, इसका मतलब है कि राज्य में कई लोगों की जान बचाई गई है।

उन्होंने कहा कि लेकिन आपके सहयोग ने, उत्तर प्रदेश के लोगों के परिश्रम ने, पराक्रम ने सारी आशंकों को ध्वस्त कर दिया। आज स्थिति ये है कि उत्तर प्रदेश ने न सिर्फ संक्रमण की गति को काबू में किया हुआ है बल्कि जिन्हें कोरोना हुआ है, वो भी तेजी से ठीक हो रहे हैं। इसकी बहुत बड़ी वजह आप सभी लोग हैं।

भारत अमेरिका से दोगुनी आबादी से बिना पैसे लिए उनका भरण-पोषण कर रहा
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत में 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। इसका बहुत बड़ा लाभ बनारस के भी गरीबों को, श्रमिकों को हो रहा है। आप कल्पना कर सकते हैं कि भारत, अमेरिका से भी दोगुनी आबादी से एक पैसा लिए बिना उनका भरण-पोषण कर रहा है।

उन्होंने कहा कि अब तो इस योजना को नवंबर अंत तक, यानी दीपावली और छठ पूजा तक बढ़ा दिया गया है। हमारी कोशिश यही है कि किसी गरीब को त्योहारों के समय में खाने-पीने की कमी ना हो।

पीएम ने कहा कि खाने के साथ-साथ, लॉकडाउन के कारण गरीब को खाना पकाने के लिए ईंधन की दिक्कत ना हो, इसके लिए उज्जवला योजना के लाभार्थियों को पिछले तीन महीने से मुफ्त गैस सिलेंडर दिया जा रहा है।

वाराणसी में आठ हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर काम जारी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जनधन खाते में हजारों करोड़ रुपये जमा कराना हो या फिर गरीबों के, श्रमिकों के रोजगार की चिंता, छोटे उद्योगों को, रेहड़ी-ठेला लगाने वालों को, आसान ऋण उपलब्ध कराना हो या खेती, पशुपालन, मछली पालन और दूसरे कामों के लिए ऐतिहासिक फैसले, सरकार ने लगातार काम किया है।

उन्होंने कहा कि इस समय काशी में ही लगभग आठ हजार करोड़ रुपये के अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर काम तेजी से चल रहा है। जब स्थितियां सामान्य होंगी तो काशी में पुरानी रौनक भी उतनी ही तेजी से लौटेगी। इसके लिए हमें अभी से तैयारी करनी होगी।