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ताज महल पर गरमाई सियासत

 

taj mahalआगरा [ TNN ] हाल ही में अखिलेश सरकार में कैबिनेट मिनिस्टर आजम खान ने मांग की थी कि ताजमहल को सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को सौंप दिया जाना चाहिए। अब शिया संप्रदाय के लोगों ने मांग की है कि ताज को शिया वक्फ बोर्ड को दिया जाना चाहिए। लखनऊ के इमाम-ए-रजा कमिटी के प्रेजिडेंट फय्यर हैदर ने दलील दी कि मुमताज शिया थीं, इसलिए ताज महल को शिया वक्फ बोर्ड को सौंप दिया जाना चाहिए।

हैदर ने कहा कि ताजमहल एक ‘शिया इमारत’ है। इसको साबित करने के लिए उन्होंने ताजमहल के आर्किटेक्ट से जुड़े ‘सबूत’ भी दिए। उन्होंने कहा कि ताजमहल निश्चित तौर पर एक मकबरा है और इसके पश्चिमी भाग में मस्जिद है। मस्जिद के पास एक हौज (पानी का टैंक) है। पारंपरिक रूप से देखा जाए तो शिया ही नमाज से पहले वजू (हाथ मुंह धोने की प्रक्रिया) करते हैं। इससे साबित होता है कि ताज एक शिया इमारत है।

इसके अलावा ताज के पूर्वी हिस्से में एक हॉल है जहां धार्मिक सभाओं और मुहर्रम के दौरान मातम (शोक मनाने) के लिए लोग इकट्ठे होते हैं। हैदर ने कहा कि मुमताज को पहले अस्थाई तौर पर बुराहपुर में दफनाया गया था। उसके बाद मुमताज का शरीर ताज में लाकर दफनाया गया। हैदन ने दावा किया कि यह भी एक शिया रिवाज है जिसे ‘मिट्टी सौंपना’ कहते हैं।

हैदर की इमाम-ए-रजा कमिटी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इस बारे में चिट्ठी भी लिखी है। कमिटी को शिया धर्मगुरुओं का समर्थन भी प्राप्त है। शिया धर्मगुरुओं का कहना है कि सबको मालूम है कि ताज मुमताज महल के लिए बनवाया गया जो कि एक शिया थीं। इसलिए इसे शिया वक्फ बोर्ड को सौंप दिया जाना चाहिए। हालांकि ताज में शाहजहां की भी कब्र है जो कि एक सुन्नी थे। फिर भी कम से कम ताज का आधा हिस्सा तो शिया वक्फ बोर्ड को सौंपा ही जाना चाहिए।

इस समय ताज की जिम्मेदारी आर्कियॉलजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के पास है। 13 नवंबर को एक वक्फ सभा में आजम खान ने कहा था कि ताजमहल को राज्य वक्फ बोर्ड की संपत्ति घोषित किया जाना चाहिए। आजम यूपी के मुस्लिम वक्फ मिनिस्टर भी हैं। हालांकि आजम की मांग का सुन्नी धर्मगुरु और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महाली ने विरोध किया था। मौलाना खालिद ने अखिलेश यादव को चिट्ठी लिखी थी कि ताजमहल की मस्जिद की दिन की सभी पांच नमाजों के लिए खोल दिया जाना चाहिए।-एजेंसी 

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