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अविश्वास प्रस्ताव : राहुल की पीएम मोदी को झप्पी पर सदन में लगे ठहाके

नई दिल्लीः मोदी सरकार अपने करीब साढ़े चार साल के कार्यकाल में आज पहली बार विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का सामना कर रही है। संख्याबल की दृष्टि से पहले से मजबूत सरकार को अन्नाद्रमुक का समर्थन मिलने और बीजेडी-टीआरएस के मतदान से दूर रहने के फैसले से शक्ति परीक्षण का तिलिस्म खत्म हो गया है। निगाहें अब चर्चा के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच होने वाले वार-पलटवार पर टिक गई हैं।

गौरतलब है कि वर्तमान में लोकसभा में 534 सदस्य हैं। राजग को 310 सांसदों का समर्थन हासिल है। इसके अलावा उसे 37 सदस्यों वाले अन्नाद्रमुक का समर्थन मिला है। ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ सदस्यों की संख्या 347 हो गई है, जो बहुमत के लिए जरूरी 268 सांसदों से 79 ज्यादा है। इस बीच 19 सांसदों वाली बीजेडी और 11 सांसदों वाली टीआरएस ने मतदान से दूर रहने की घोषणा की है।

– केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, हम सभी ने आज लोकसभा में राहुल गांधी द्वारा प्रचारित झूठ को देखा है। उनके पास निश्चित तौर पर कोई सबूत नहीं है केवल राजनीतिक नकारात्मकता है और इसका खामियाजा उन्हें हर चुनाव के दौरान भुगतना पड़ता है।

– राहुल गले लगने पर अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर ने कहा, यह पप्पी-झप्पी एरिया नहीं है।

– आप लोगों के अंदर मेरे लिए नफरत है, आप मुझे पप्पू और बहुत गालियां देकर बुला सकते हैं लेकिन मेरे अंदर आपके लिए नफरत नहीं है। इसके बाद राहुल पीएम से जाकर गले मिले।

– राहुल ने कहा, मैं भाजपा और आरएसएस का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मुझे हिंदू होने और शिवजी का मतलब समझाया। राहुल ने पीएम से कहा कि मैं आपके लिए पप्पू हो सकता हूं। यह कहने के बाद वह पीएम मोदी से गले मिले।

– राहुल ने पीएम मोदी और अमित शाह पर हमला करते हुए कहा कि वह अलग तरह के नेता हैं और सत्ता को छोड़ना नहीं चाहते। पीएम देश की जनता की आवाज को दबाना चाहते हैं।

– राहुल ने कहा, हत्या के दोषियों पर हार डाले जा रहे हैं। कहीं ना कही हिंदुस्तान को दबाया, कुचला और मारा जा रहा है। पीएम का फर्ज बनता है कि वह देश को दिल की बात बताएं। भीड़ द्वारा जब किसी पर हमला होता है तो वह उस शख्स पर नहीं बल्कि अंबेडकर जी के संविधान और सदन पर हमला होता है।

– गांधी ने कहा, विदेशों में राय बन रही है कि भारत महिलाओं की रक्षा नहीं कर पा रहा है। गैंगरेप की घटनाएं हो रही हैं। लोग मारे, कुचले जा रहे हैं लेकिन प्रधानमंत्री के मुंह से एक शब्द नहीं निकलता है।

– 10 मिनट के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हो गई है। राहुल गांधी ने फिर से अपना भाषण शुरू कर दिया है।

– राहुल गांधी के बयान पर लोकसभा में जोरदार हंगामा शुरू हो गया। हंगामे के बीच स्पीकर ने 1.45 तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी है।

– स्पीकर सुमित्रा महाजन ने राहुल गांधी को टोका। उन्होंने कहा कि सदन में सभी अपनी भाषा पर नियंत्रण रखे। चाहे किसान के लिए या चाहे पीएम के लिए बोलें, शब्दों का चयन सही रखें।

– राहुल गांधी ने कहा कि पीएम नर्वस हैं इसलिए वह मेरी आंखों में आखें डालकर बात नहीं कर रहे हैं और मुस्कुरा रहे हैं। देश समझ गया है कि मोदी चौकीदारक नहीं बल्कि भ्रष्टाचार के भागीदार हैं।

– राहुल गांधी ने कहा, राफेल डील को लेकर रक्षामंत्री ने कहा था कि उनका फ्रांस की सरकार के साथ गोपनीय समझौता किया। मैं निजी तौर पर फ्रांस के राष्ट्रपति से मिला और उनसे पूछा कि क्या इस तरह का कोई समझौता है। उन्होंने साफतौर पर कहा कि ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ है।

– जहां जाते हैं वहां रोजगार की बात करते हैं। कभी कहते हैं पकौड़े बनाओ, कभी दुकान खोलो। रोजगार छोटे और मध्यम वर्गीय विजनेसमैन लाएंगे। पीएम ने नोटबंदी किया। शायद समझ नहीं थी कि किसान, मजदूर, गरीब अपना धंधा कैश में चलाते हैं। चीन 50,000 युवाओं को 24 घंटे में रोजगार देता है। आप लोग (सरकार) 24 घंटे में 400 युवाओं को रोजगार देते हो।

– राहुल गांधी ने कहा, आप 21वीं सदी के राजनीतिक हथियार का शिकार हैं और आप अकेले ऐसे नहीं है। इस राजनीतिक हथियार का नाम जुमला स्ट्राइक है।

– 28 जुलाई 2016 के बाद लोकसभा में राहुल गांधी का पहला भाषण

– राकेश सिंह ने कहा, ‘पिछले 60-70 वर्षो में गरीबी हटाओं के नारे तो खूब लगे लेकिन यह सच है कि गरीबी नहीं बल्कि गरीबों को ही समाज की मुख्य धारा से हटना पड़ा।’

– राकेश सिंह ने कहा, मनमोहन सिंह ने कहा था कि देश के संसाधनों पर अल्पसंख्यकों का हक है। हालांकि पीएम मोदी ने इसे नया मोड़ देते हुए कहा कि देश के संसाधनों पर पहला हक गरीबों का है।

– टीडीपी सांसद ने प्रधानमंत्री के बारे में आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया। जिसको लेकर भाजपा के सांसदों ने हंगामा किया। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने बयान वापस लेने को कहा।

– एआईएडीएमके के सांसद वी मैत्रेयन ने कहा, अविश्वास प्रस्ताव की अगुवाई कांग्रेस और डीएमके कर रही है। इसलिए हम इसका समर्थन नहीं कर रहे हैं।

– अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में भाजपा की ओर से जबलपुर से सासंद राकेश सिंह बोल रहे हैं जो कि मध्यप्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भी हैं।

– अविश्वास प्रस्ताव पर परेश रावल ने कहा, अगर आज राहुल जी बिना पढ़े, बिना फंबल करे, बिना गलती करे 15 मिनट बोलेंगे तो धरती जरूर हिलेगी, हिलेगी भी क्या नाचेगी।

– चर्चा के दौरान गल्ला ने कहा, ‘आप (पीएम) एक अलग तरह का राग अलाप रहे हैं। जिसे आंध्र के लोग काफी बारीकी से इसे महसूस कर रहे हैं और आने वाले चुनावों में वह इसका उचित जवाब देंगे। यदि आंध्र के लोगों के साथ धोखा हुआ को कांग्रेस की तरह ही भाजपा का राज्य में सूपड़ा साफ हो जाएगा। प्रधानमंत्री यह धमकी नहीं बल्कि श्राप है।’

– लोकसभा से गैर-हाजिर रहने वाली शिवसेना के सांसद आनंदराव अडसुल ने कहा, ‘हम आज संसदीय कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं और हमने अपनी अनुपस्थिति पर भी हस्ताक्षर नहीं किए हैं।’

– गल्ला ने कहा, मोदी सरकार के दौरान चुनौतियां पैदा हुईं। आंध्र के सवाल पर देश की सरकार में अविश्वास है। हम मोदी सरकार को धमकी नहीं बल्कि श्राप दे रहे हैं।

– चर्चा की शुरुआत करते हुए गल्ला ने बताया कि आंध्र कितनी मुश्किल में हैं। राज्य पर लोन थोप दिया गया है।

– शिवसेना ने फैसला लिया है कि उसके सांसद आज लोकसभा में उपस्थित नहीं होंगे।

– जयदेव गल्ला ने कहा, मोदी-शाह के शासन के दौरान आंध्र प्रदेश की गाथा एक झूठे वादों वाली गाथा है।

– बहस की शुरुआत टीडीपी सांसद श्रीनिवास ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। जयदेव गल्ला जो पहली बार सांसद चुने गए हैं वह अविश्वास प्रस्ताव पर टीडीपी की तरफ से बोल रहे हैं। इतिहास में पहली बार पहली बार चुने गए सांसद ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू की है। बता दें कि टीडीपी के लोकसभा में 16 सांसद हैं।

– लोकसभा से बीजेडी सांसदों के वॉकआउट के बाद लोकसभा सदस्यों की संख्या 495 रह गई है। बीजेडी के 20 सांसद हैं।

– बीजू जनता दल ने सदन से वॉकआउट कर लिया है।

– शिवसेना सरकार में रहेगी लेकिन वोट नहीं करेगी।

– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ संसद भवन के अंदर बैठक कर रहे हैं। जिसमें अमित शाह और राजनाथ सिंह भी शामिल हैं।

– अविश्वास प्रस्ताव को लेकर शिवसेना की संसदीय बैठक चल रही है। जिसमें अमित देसाई, अरविंद सावंत, अनंत गीते और दूसरे सांसद मौजूद हैं।

– कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘क्या यह समय हमारे लिए 130 करोड़ भारतीयों और सरकार की नाकामियों को उजागर करने के लिए काफी है? हर पार्टी को 30 मिनट मिलने चाहिए लेकिन देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी को 38 मिनट दिए गए हैं। अविश्वास प्रस्ताव को प्रश्नकाल की तरह ट्रीट नहीं किया जा सकता है।’

– अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के लिए लोकसभा पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह। उनके साथ केन्द्रीय मंत्री अनंत कुमार, विजय गोयल व अन्य नेता भी पहुंचे हैं। संसद के प्रवेश द्वार पर उन्होंने विक्ट्री साइन भी दिखाया।

– विश्वास प्रस्ताव पर आज सरकार की तरफ से केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, राकेश सिंह, वीरेंद्र सिंह मस्त और अर्जुन राम मेघवाल बोलेंगे।

-संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार का कहना है कि हमें उम्मीद से ज्यादा बहुमत मिलेगा। उन्होंने कहा कि जब राहुल बोलेंगे तो कांग्रेस में भूकंप आएगा।

स्पीकर ने चर्चा के लिए सात घंटे का समय निर्धारित किया है। इसमें भाजपा कि हिस्से 3.33 घंटे, कांग्रेस को 38 मिनट, अन्नाद्रमुक को 29 मिनट, बीजेडी को 15 मिनट, शिवसेना को 14 मिनट, टीडीपी को 13 मिनट, माकपा को 7 मिनट, एनसीपी, एलजेपी, एसपी को 6-6 मिनट, अकाली दल, अपना दल समेत 15 दलों को 12 मिनट और अन्य 33 दलों को 26 मिनट मिलेंगे।

पीएम डेढ़ घंटा करेंगे विपक्षी हमले पर पलटवार

संख्याबल का तनाव दूर होने के बाद भाजपा ने कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस पर पलटवार करने की योजना बनाई है। पलटवार की कमान खुद पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों होगी। वह करीब डेढ़ घंटे तक पलटवार के साथ सरकार की उपलब्धियां गिनाकर विपक्ष को घेरेंगे। पीएम ने चर्चा में भाग लेने के लिए मुख्य सचेतक अनुराग ठाकुर, बीरेंद्र सिंह मस्त और हुकुमदेव नारायण यादव का चयन किया है। इनके निशाने पर मुख्य रूप से गांधी परिवार होगा।

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