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नाबालिंग का पोर्न वीडियो बनाकर किया वायरल

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हाथरस- हाथरस अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम कौटिल्य गौड़ के न्यायालय ने स्कूल से घर जाते समय किशोरी और उसके एक अन्य साथी के साथ पकड़कर मारपीट करने एवं अश्लील क्लिपिंग बनाने के मामले में छह युवकों को दोषी करार दिया है।

न्यायालय ने सभी 6 दोषियों को धारा 363 में 7-7 साल के कारावास एवं 10-10 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने यह भी व्यवस्था दी है कि अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में दोषियों को 6-6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

न्यायालय ने धारा 147, 323, 504, 506, 654 डी, 341, धारा 11/12 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम एवं धारा 66/67 आईटी एक्ट में भी अलग-अलग सजाओं का प्रावधान किया है। निर्णय में कहा गया है कि मुजरिमों की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक सादाबाद क्षेत्र के एक गांव निवासी लड़की के पिता का आरोप था कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री 20 फरवरी 2015 को स्कूल से साथी युवक के साथ घर आ रही थी। तभी रास्ते में उसे संजय, दारा सिंह, ईलू उर्फ रामनरेश, पंकज, रवि और रामू उर्फ रामकुमार ने पकड़ लिया।

इन लोगों ने उसकी पुत्री और उसके साथी के साथ भी मारपीट की। यह लोग उसकी पुत्री को साथी के ऊपर पटककर जो चाहे कहलवाते रहे। इसके बाद बाइक पर बैठाकर यह लोग उसे सादाबाद लेकर गए।

इन लोगों ने उसकी पुत्री के साथ अशोभनीय हरकतें की। वीडियो क्लिपिंग बनाकर उसको चुप रहने के लिए धमकी दी गई कि यदि उसने इस घटना के बारे में किसी को बताया तो उसके पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। उसकी वीडियो हर जगह फैलाकर बदनाम कर दिया जाएगा। बाद में पता चला कि इन लोगों ने उसकी पुत्री की अश्लील क्लीपिंग कई जगह प्रसारित भी कर दी।

इनमें से एक युवक ने अपने मोबाइल पर उसे उसकी लड़की का वीडियो दिखाने की कोशिश, लेकिन जब लड़की के पिता के साथ मौजूद लोगों ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो आरोपी युवक अपना मोबाइल छोड़कर भाग गया।

मामले की सुनवाई करते हुए विद्वान न्यायाधीश कौटिल्य गौड़ ने सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए यह फैसला सुनाया। वादी की ओर से मुकदमे में पैरवी अभियोजन अधिकारी हरिओम शर्मा ने की।एजेंसी

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