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यूपी: इस झटके से न ‘शहर’ बचेगा न ‘गांव’

लखनऊ : यूपी में अब सबसे जरुरी चीज ‘बिजली’ महंगी हो गई है। शहरों से लेकर गावों तक के बिजली उपभोक्ताओं को अगले महीने नई दरों के हिसाब से ज्यादा बिल का भुगतान करना पड़ेगा। शहरी घरेलू उपभोक्ताओं को अब फिक्स चार्ज के रूप में 10 रुपये प्रति किलोवाट अतिरिक्त के साथ 45-50 पैसे प्रति यूनिट ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा।

अनमीटर्ड ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं की 180 व 200 रुपये प्रति किलोवाट के स्थान पर अब 300 रुपये प्रति किलोवाट की दर से भुगतान करना पड़ेगा। एक अप्रैल से इन उपभोक्ताओं की दर 100 रुपये प्रति किलोवाट और बढ़ जाएगी और इन्हें 400 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से बिल चुकाना होगा।

किसानों और कॉमर्शियल उपभोक्ताओं पर भी बोझ बढ़ जाएगा। अलबत्ता उद्योगों पर कोई अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने 30 नवंबर को वर्ष 2017-18 के लिए नई बिजली दरों का एलान किया था। आयोग ने सभी श्रेणियों में कुल मिलाकर औसतन 12.73 फीसदी की वृद्धि की है।

निजी नलकूप वाले किसानों की दरों में 35.51 बढ़त विद्युत अधिनियम 2003 के प्रावधानों के अनुसार पावर कार्पोरेशन ने 2 दिसंबर को नई दरों का सार्वजनिक प्रकाशन कराया था। कानूनन सार्वजनिक प्रकाशन के एक सप्ताह बाद नई दरें प्रभावी हो जाती हैं। पावर कार्पोरेशन के अधिकारियों ने बताया कि शनिवार से नई दरें प्रभावी हो गई हैं। बिलिंग सॉफ्टवेयर में संशोधन आदि की प्रक्रिया पूरी करा ली गई है।

आयोग ने शहरी घरेलू बिजली दरों में 8.46 फीसदी की वृद्धि हो जाएगी जबकि ग्रामीण अनमीटर्ड उपभोक्ताओं की दरों में 63 फीसदी और ग्रामीण मीटर्ड उपभोक्ताओं की दरों में 57.02 प्रतिशत का इजाफा हो जाएगा। ग्रामीण अनमीटर्ड कामर्शियल उपभोक्ताओं की दरें 66.67 प्रतिशत तथा ग्रामीण मीटर्ड कामर्शियल उपभोक्ताओं की दरों में 43.22 फीसदी की वृद्धि हो जाएगी।

निजी नलकूप वाले किसानों की दरों में 35.51 तक की वृद्धि हो गई है। राजकीय नलकूप की दरें 19.79 प्रतिशत बढ़ जाएंगी। अस्थायी कनेक्शन के लिए अब 34.75 फीसदी ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा। विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों की दरों में भी 57.42 प्रतिशत की वृद्धि हो जाएगी।

@शाश्वत तिवारी

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