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टंकी पर चढ़कर 7 दिन से भूख हड़ताल पर PTI अध्यापक

punjab stateफाजिल्का- अध्यापकों की भर्ती से पहले रखी गई टेस्ट की शर्त विरोध में करीब 40 दिनों से फाज़िलका की जलालाबाद तहसील परिसर में अध्यापकों का धरना जारी है। लेकिन फिर भी सरकार द्वारा अपने फैसले को नही बदला गया। जिसके विरोध में 9 पीटीआई अध्यापक तहसील में बनी पानी वाली टंकी पर चढ़ कर पिछले 7 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे है।

इस मामले में बेरोजगार पीटीआई अध्यापकों ने कहा कि जिला पर्शाशन द्वारा उनकी मांग मानने की बजाए न ही उनको नीचे उतारने की कोशिश की गयी और न ही उनको खाने पीने की वस्तुएं देने आए परिजनों को भी पुलिस कर्मियों द्वारा रोका  गया और नही मिलने दिया गया।

सरकार द्वारा रखी गई टेस्ट की शर्त के विरोध में आज फाजिल्का के पीटीआई अध्यापकों द्वारा शहर में रोष मार्च करते हुए फिरोजपुर फाज़िलका रोड नेशनल हाईवे जाम करते हुए रोष प्रदर्शन किया गया। जहां इन अध्यापकों ने कहा कि बताया कि सरकार द्वारा 2011 में पीटीआई अध्यापकों की निकाली गई 646 पोस्टों के पोस्टरों में भर्ती से पहले टेस्ट लेने की कोई शर्त नहीं रखी गई थी लेकिन आज 5 साल बीत जाने के बाद सरकार द्वारा इसमें पहले टेस्ट लेने की शर्त लगा कर इन बेरोजगारों के साथ धोखा किया है।

जहां सरकार द्वारा रखेगी इस शर्त के विरोध में रोष प्रदर्शन कर रहे बेरोजगार पीटीआई अध्यापकों ने मीडिया को बताया कि सरकार द्वारा लगाई गई इस शर्त के विरोध में पिछले 40 दिनों से जलालाबाद sdm दफ्तर के बाहर भूख हड़ताल और मरन व्रत पर बैठे हैं लेकिन प्रशासन का कोई भी अधिकारी उनकी बात तक सुनने नहीं आया जिस पर परेशान हो उनके साथी पिछले 7 दिनों से टँकी पर चढ़ भूख हड़ताल पर बैठे है फिर भी उनकी बात किसी ने नही सुनी।

उन्होंने कहा कि उनके साथियों से कोई अनहोनी घटना घटती है तो उसका जिम्मेवार जिला प्रशासन होगा। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सरकार बच्चों को शिक्षा के इलावा खेलों में पहले नंबर पर लाना चाहती है लेकिन अगर स्कूलों में पीटीआई अध्यापक ही ना होगा तो आने वाले समय में बच्चों का भविष्य कैसे सुधरेगा। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सन 2011 में निकाली गई भर्ती मेरिट के आधार पर की जाए और बिना वजह रखी गई टेस्ट की शर्त को ख़ारिज किया जाए।

वही इस मौके ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी को जब टंकी पर चढ़े अध्यापकों को खाना देने आए परिजनों को रोकने संबंधित सवाल पूछा गया तो उन्होंने परिजनों को खाना देने से रोकने की बात से इनकार करते हुए कहा कि पुलिस द्वारा किसी को भी मिलने से नहीं रोका गया जबकि इन अध्यापकों के परिजन जब अपने बच्चों को मिलने जा रहे थे तो पुलिस अधिकारियों ने गेट बंद कर उन को मिलने से रोका गया।  लेकिन टंकी पर चढ़े अध्यापकों को मिलने आए अधयापको और परिजनों द्वारा प्रदर्शन कर इसका विरोध किया तो पुलिस वाले उनको मिवालाने के लिए तैयार हो गए जबकि यह सब कुछ मीडियाकर्मियों के सामने हुआ और हमारे कैमरे भी कैद हुआ फिर भी पुलिस अधिकारियों द्वारा अध्यापकों से मिलने वाले परिजनों को रोकने की बात मानने से इंकार कर दिया।

वही इस मौके इकट्ठे हुए अध्यापकों के परिजन गोकुल चंद ने बताया कि  मेहनत मजदूरी की कमाई से कुछ बचत कर उन्होंने अपने बच्चों को इस लायक बनाया  है लेकिन सरकार द्वारा भर्ती को लेकर टेस्ट लेने की शर्त लगा कर उनको परेशान किया जा रहा है जिस परेशानी के चलते उनके बच्चों द्वारा टंकी पर चढ़ प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांग को नहीं मानती तब तक उनके बच्चे नीचे नहीं उतरेंगे और अपना संघर्ष इसी तरह जारी रखेंगे।
रिपोर्ट- इन्द्रजीत सिंह




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