सीपी जोशी के इस विवादित बयान पर राहुल गांधी बोले, उन्हे माफी मांगनी चाहिए

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नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री और दिग्गज कांग्रेस नेता सीपी जोशी ने जिस तरह से हिंदुत्व को लेकर विवादित बयान दिया था उसके बाद से लगातार हर तरफ उनकी आलोचना हो रही है। लेकिन अब खुद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सीपी जोशी के बयान की आलोचना की है। उन्होंने सीपी जोशी के बयान को पार्टी के आदर्शों के विपरीत बताते हुए कहा कि उन्हें अपने बयान पर खेद प्रकट करना चाहिए। यही नहीं इसके साथ ही राहुल गांधी ने पार्टी के अन्य नेताओं को भी हिदायत दी है कि वह इस तरह के बयानों से दूर रहे।

राहुल गांधी ने ट्वीट करके लिखा कि सी पी जोशी जी का बयान कांग्रेस पार्टी के आदर्शों के विपरीत है। पार्टी के नेता ऐसा कोई बयान न दें जिससे समाज के किसी भी वर्ग को दुःख पहुँचे। कांग्रेस के सिद्धांतों, कार्यकर्ताओं की भावना का आदर करते हुए जोशीजी को जरूर गलती का अहसास होगा। उन्हें अपने बयान पर खेद प्रकट करना चाहिए। राहुल गांधी का बयान ऐसे समय आया है जब हर तरफ सीपी जोशी के बयान की वजह से पार्टी को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है और विपक्षी राहुल गांधी पर सवाल खड़ा कर रहे थे।

गौरतलब है कि सीपी जोशी ने राजस्थान में एक रैली के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि हिंदुत्व पर बोलने का अधिकार सिर्फ पंडितों को होता है। सीपी जोशी ने कहा कि उमा भारती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंडित नहीं हैं लिहाजा उन्हें हिंदुत्व पर नहीं बोलना चाहिए। सीपी जोशी के इस बयान के बाद वह लगातार विवादों में थे। गौर करने वाली बात यह है कि राजस्थान में विधानसभा चुनाव की तारीख करीब आने की वजह से कांग्रेस पार्टी किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहती है।

गौर करने वाली बात यह है कि आज ही सीपी जोशी ने अपने बयान का एक दूसरा वीडियो जारी करते हुए कहा था कि उनके बयान को गलत परिपेक्ष्य में दिखाया गया है। उन्होंने कहा था कि उनके बयान को भाजपा ने गलत तरह से पेश किया है। लेकिन उनके इस बयान के बाद भी राहुल गांधी ने उनके बयान को खारिज करते हुए इससे किनारा कर लिया है। हालाकि राहुल गांधी ने सीपी जोशी के बयान से किनारा कर लिया है, लेकिन उन्होंने मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और संभावित मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार कमलनाथ के विवादित बयान पर कुछ नहीं कहा है। आपको बता दें कि कमलनाथ का एक वीडियो सामने आया था, जिसमे वह कहते हैं कि अगर 90 फीसदी मुसलमान वोट नहीं देते हैं तो हमे इसका नुकसान होगा।