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अमित शाह बोले, हम राम मंदिर का न्यायिक समाधान चाहते है

जयपुर : राजस्थान में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि भाजपा अयोध्या में रामलला के स्थान पर भव्य मंदिर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। केस सुप्रीम कोर्ट में है। कांग्रेस नेता इसकी सुनवाई आगे खिसकाना चाहते थे, लेकिन हमारे वकीलों ने कहा कि समय पर सुनवाई हो। हमें उम्मीद है जनवरी में सुनवाई होगी। हम इसका न्यायिक समाधान चाहते है, लेकिन मंदिर निर्माण के अपने वचन से एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।

अमित शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कांग्रेस ने देश को जातिवाद, वंशवाद और तुष्टिकरण के नासूर दिए हैं और इन तीनों ने ही प्रतिभाओं को आगे बढ़ने से रोका है। उन्होंने कहा कि भाजपा युवाओं को मंच देने और आगे बढ़ाने के लिए राजनीति में है।

अमित शाह ने बुधवार को जयपुर से पार्टी के प्रचार अभियान की शुरुआत की और सबसे पहले युवाओं को पार्टी से जोड़ने का प्रयास किया। राजस्थान में इस बार पहली बार वोट देने वाले करीब साढ़े बारह लाख वोटर हैं और रोजगार एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। इस दृष्टि से अमित शाह के इस कार्यक्रम को काफी अहम माना जा रहा है। शाह ने जयपुर से पूरे प्रदेश के करीब दो लाख युवाओं को युवा टाउन हाॅल कार्यक्रम के जरिए न सिर्फ संबोधित किया, बल्कि रोजगार, जीएसटी, राम मंदिर, वन रैंक वन पेंशन जैसे मुद्दों से जुड़े उन सवालों के जवाब भी दिए, जो अक्सर भाजपा नेताओं से पूछे जाते हैं। जयपुर के कार्यक्रम के बाद शाह ने बीकानेर में रोड शो भी किया।

जयपुर में शाह ने कहा कि हम 50 साल से वंशवाद, जातिवाद और तुष्टिकरण की राजनीति से लड़ रहे थे और अब पिछले चार साल यह बीमारी कुछ दूर हुई है, लेकिन अब चुनाव है और पुराने रोग की तरह यह बीमारी फिर सिर उठा रही है। दिसंबर 2018 और मई 2019 का चुनाव इन बीमारियों के खिलाफ लड़ाई का ही चुनाव है। उन्होंने कहा कि इन बीमारियों के कारण ही देश 70 साल में उतना आगे नहीं बढ़ पाया, जितना दूसरा देश बढ़ गए। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में खुद के सुख के लिए नहीं भारत माता की सेवा के लिए आई है। कार्यक्रम को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी ने भी संबोधित किया। राजे ने कहा कि कांग्रेस आलोचना तो करती है, लेकिन जनता की बात उठाने के लिए इसके नेता विधानसभा तक में नहीं आते।

जयपुर में शाह ने कहा कि हम 50 साल से वंशवाद, जातिवाद और तुष्टिकरण की राजनीति से लड़ रहे थे और अब पिछले चार साल यह बीमारी कुछ दूर हुई है, लेकिन अब चुनाव है और पुराने रोग की तरह यह बीमारी फिर सिर उठा रही है। दिसंबर 2018 और मई 2019 का चुनाव इन बीमारियों के खिलाफ लड़ाई का ही चुनाव है। उन्होंने कहा कि इन बीमारियों के कारण ही देश 70 साल में उतना आगे नहीं बढ़ पाया, जितना दूसरा देश बढ़ गए। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में खुद के सुख के लिए नहीं भारत माता की सेवा के लिए आई है। कार्यक्रम को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी ने भी संबोधित किया। राजे ने कहा कि कांग्रेस आलोचना तो करती है, लेकिन जनता की बात उठाने के लिए इसके नेता विधानसभा तक में नहीं आते।

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