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जैसलमेर : पाकिस्तान से लाई गई नौ किलो हेरोइन बरामद

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जैसलमेर– सीमा पर सक्रिय खुफिया एजेंसियों ने लम्बे अरसे बाद राजस्थान सीमा पर दो अलग-अलग स्थान से पाकिस्तान से तस्करी कर लाई गई नौ किलो छह सौ ग्राम हेरोइन बरामद कर चार जनों को गिरफ्तार किया है। सुरक्षा एजेंसियां इनसे पूछताछ में जुटी है। शाम तक इस मामले का खुलासा होने की उम्मीद है कि इस हेरोइन को किस मार्ग से और किस तरह भारत की सीमा में लाया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसका दाम करीब बारह करोड़ रुपए बताया जा रहा है।

सीमा सुरक्षा बल ने हाल ही पंजाब सीमा पर करीब पांच बार भारी मात्रा में हेरोइन बरामद कर कई तस्करों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। राजस्थान से लगती पाकिस्तान की सीमा से यहां पर मादक पदार्थों की तस्करी नहीं के बराबर रह गई थी। कई नामचीन तस्कर इस समय जेल में है। वहीं सीमा सुरक्षा बल की सख्ती के कारण यहां से तस्करी पर काफी हद तक लगाम लग चुकी थी। ताजा मामले में हेरोइन की बरामदगी से साफ संकेत है कि इस क्षेत्र में तस्कर एक बार फिर सक्रिय हो चुके है। इसके पीछे मुख्य कारण यह बताया जा रहा है कि पंजाब में भारी मात्रा में सीमा पार से आई खेप पकड़े जाने से तस्करों की कमर टूट चुकी है। ऐसे में उन्होंने तस्करी के नए मार्ग के रूप में राजस्थान का चुनाव किया, लेकिन यहां पर भी वे धरे गए।

सूत्रों ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल, एटीएस व पुलिस के संयुक्त प्रयास से यह सफलता मिली है। तीनों सुरक्षा एजेंसियों ने शुक्रवार सुबह जल्दी जैसलमेर जिले के झिनझिनयाली थाना क्षेत्र के लखा गांव में छापा मारा। यहां पर उन्होंने दो जनों करीम खान व अरब खान को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उनकी ढाणी के निकट जमीन में दबा कर रखे गए हेरोइन के पैकेट बरामद हुए। इसकी कुल मात्रा छह किलो चार सौ ग्राम थी। इसके अलावा आज सुबह ही पाकिस्तान सीमा से सटे बाड़मेर जिले के गडरा रोड थाना क्षेत्र में एक ढाणी में छापा मार सुरक्षा एजेंसियों ने दो जनों को हिरासत में लेकर उनके पास से तीन किलोग्राम हेरोइन बरामद की।

नशीले पदार्थों में हेरोइन को रईसों का शौक माना जाता है। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में जोरदार मांग है। वर्तमान में इसका दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब दो करोड़ रुपए प्रति किलोग्राम तक है। इसके दाम से साफ जाहिर है कि इसे खरीद पाना आम आदमी के बस में नहीं है। वर्तमान दौर में पंजाब में नशेे की प्रवृति काफी बढ़ी है। ऐसे में वहां पर हेरोइन की खपत इन दिनों काफी बढ़ गई है।

हेरोइन का निर्माण मुख्य रूप से अफगानिस्तान में होता है। अफीम को रिफाइन करके हेरोइन बनाई जाती है। सौ किलोग्राम अफीम से एक किलोग्राम हेरोइन तैयार होती है। अफीम की सबसे अधिक खेती अफगानिस्तान में ही होती है। अफगानिस्तान में सक्रिय आतंकी समूहों की आय का सबसे बड़ा जरिया अफीम की खेती ही है।
रिपोर्ट – इंद्र बारूपाल

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