Home > India > गर्मी से मौते, शव रखने के लिए फ्रिजर कम पड़े

गर्मी से मौते, शव रखने के लिए फ्रिजर कम पड़े

demo pic

demo pic

जोधपुर- जिले में गर्मी कहर बनकर टूट पड़ी है। बीते दो दिनों में आग बरसाती गर्मी से करीब 16 लोगों की मौत हो गई है। वहीं एमडीएमएच और एमजीएच की मोर्चरी फुल हो गई हैं और शव रखने के लिए पर्याप्त फ्रिजर भी उपलब्ध नहीं हैं।

हालात ये हैं कि दोनों अस्पतालों में कुल 12 शव रखने के लिए ही फ्रिजर उपलब्ध हैं जिनमें से सिर्फ दो-दो शव की क्षमता वाले फ्रिजर ही चालू हैं बाकी फ्रिजर खराब पड़े हैं। ऐसे में यहां पहुंच रहे शवों को सिल्लियों में रखने के निर्देश दिए गए हैं। उधर, दईजर स्थित ग्रामीण पुलिस लाइन में एक सिपाई की गर्मी में अभ्यास के दौरान मौत हो गई।

बीते 48 घंटे में एमजीएच मोर्चरी में 5 व एमडीएमएच में करीब 4 लावारिस शव पहुंचे हैं। जानकारी के अनुसार इनकी मौत गर्मी के कारण हुई है हालांकि अस्पताल प्रशासन अभी इनकी मौत का कारण नहीं बता रहा।

मडीएमएच और एमजीएच की मोर्चरी में कहने को तो 5 फ्रिजर हैं, जिनमें 12 से अधिक शव रखने की क्षमता है। लेकिन इनमें से एमडीएमएच में 4 की क्षमता वाला एक फ्रिजर और एमजीएच में 4 की क्षमता समेत एक अन्य फ्रिजर खराब है। दोनों मोर्चरी में सिर्फ दो-दो शव की क्षमता वाले फ्रिजर ही चालू हैं।

दईजर स्थित ग्रामीण पुलिस लाइन में गुरुवार को एक सिपाही राजेश की अभ्यास के दौरान मौत हो गई। शाम 5:00 बजे राजेश को मंडोर सैटेलाइट अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक के शव को महात्मा गांधी अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार सिपाहियों को ग्रामीण पुलिस लाइन में दोपहर 4:00 बजे तपती गर्मी में अभ्यास कराया जा रहा था। उसी दौरान सिपाही राजेश गश खाकर गिर पड़ा और मौत हो गई।

दोनों अस्पतालों के चार-चार की क्षमता वाले फ्रिजर खराब हैं। इन्हें सही कराने के लिए मैकेनिक काम कर रहा है, उम्मीद है कि रात तक दोनों फ्रिजरों को चालू कर दिया जाएगा। हालांकि अधिक शव आने पर बर्फ की सिल्लियों में शव रखने के निर्देश दे दिए हैं।

Copyright @teznews.com. Designed by Lemosys.com