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मोहन भागवत से मिले रतन टाटा, निकलने लगे सियासी मायने

नागपुर: उद्योगपति और टाटा संस के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा (Ratan Tata) ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) से नागपुर के संघ मुख्यालय में मुलाकात की। बताया जा रहा है कि भागवत और रतन टाटा की मुलाकात करीब दो घंटे चली। रतन टाटा दूसरी बार मोहन भागवत से मिलने नागपुर गए थे। इससे पहले वे दिसंबर 2018 में भी संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की थी।

रतन टाटा बुधवार को मोहन भागवत ने मिलने नागपुर पहुंचे थे। इसके पहले, आरएसएस नेता नाना पालकर की 100वीं वर्षगांठ के मौके पर अगस्त में रतन टाटा मोहन भागवत के साथ मंच पर दिखाई दिए थे। तब मोहन भागवत ने उद्योगपति रतन टाटा की जमकर तारीफ की थी।

मोहन भागवत ने कहा था कि हर कोई टाटा को सुनना चाहता है लेकिन जब मैंने उनसे गुजारिश की तो उन्होंने कहा कि मुझे बोलने में झिझक होती है। जो लोग काम करते हैं, उनके साथ अक्सर ऐसा होता है क्योंकि हमेशा ऐसे लोगों का काम बी बोलना है। वहीं, चुनावों के वक्त में रतन टाटा की इस मुलाकात को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। हालांकि संघ ने रतन टाटा और मोहन भागवत की इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया।

दरअसल, चुनावों के दौरान कई उद्योगपति विभिन्न दलों का समर्थन करते दिखाई दे रहे हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने एक वीडियो में दक्षिण मुंबई से कांग्रेस उम्मीदवार मिलिंद देवड़ा का समर्थन किया था और कहा था कि वे साउथ मुंबई के लिए सही व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा था कि पिछले 10 सालों से उन्होंने दक्षिण मुंबई का प्रतिनिधित्व किया है और उनको लगता है कि मिलिंद देवड़ा को सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में अच्छी जानकारी है।

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