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दिग्विजय सिंह समेत कई नेता बने ‘चौकीदार’, जाने क्या है मामला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले खुद को देश का ‘प्रधान सेवक’ बताया था और फिर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर देश के ‘चौकीदार’ बन बैठे।

नीरव मोदी, माल्या जैसे बड़े चेहरों पर कार्रवाई की और विपक्ष पर हमला बोलना शुरू किया तो विपक्ष ने भी ‘चौकीदार चोर है’ का नारा दे दिया। इसके बाद पीएम मोदी ने ‘मैं भी चौकीदार’ देश भर में एक अभियान ही बना दिया।

भाजपा के नेता, कार्यकर्ता और समर्थकों के सोशल मीडिया एकाउंट्स पर नाम के पहले चौकीदार दर्ज हो चुका है। अब एक बार फिर ‘चौकीदार’ शब्द चर्चा में है, लेकिन इस बार विपक्ष के नेता चौकीदार बन बैठे हैं।

दरअसल ईवीएम की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठाने वाले विपक्ष को पहले सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा और फिर चुनाव आयोग ने भी ईवीएम मामले पर ‘ऑल इज वेल’ कह कर विपक्ष के आरोपों से पल्ला झाड़ लिया।

अब विपक्ष के नेता अपने तरीके से स्ट्रांग रूम में रखे ईवीएम की चौकीदारी करने में लगे हैं।

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने स्ट्रांग रूम का जायजा लिया, जहां मतदान के बाद सारे ईवीएम रखे हुए हैं।

वहीं, आगरा में यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और फतेहपुर सीकरी से उम्मीदवार राज बब्बर ने आगरा में स्ट्रांग रूम का दौरा किया।

इसके अलावे उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कांग्रेस और अन्य पार्टियों के नेता-कार्यकर्ताओं के स्ट्रांग रूम के बाहर तैनात होने की खबरें आ रही है।

मालूम हो कि वीवीपैट के ईवीएम से 100 फीसदी मिलान की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक बार फिर से खारिज कर दिया था, वहीं उत्तर प्रदेश में ईवीएम की सुरक्षा को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों को भी चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया।

इस दोहरे झटके के बाद विपक्ष अपने तरीकों से ईवीएम की सुरक्षा की कोशिश में लगा हुआ है।

उत्तर प्रदेश के चार जिलों में ईवीएम की सुरक्षा को लेकर विपक्ष की ओर से सवाल उठाए गए थे। चुनाव आयोग ने ईवीएम सुरक्षा को लेकर उठाए गए सवालों के जवाब में मंगलवार को साफ किया कि गाजीपुर, चंदौली, डुमरियागंज और झांसी में ईवीएम को लेकर जो विपक्ष की ओर से आरोप लगाए गए वो असल तथ्यों से परे है।

जिन ईवीएम का मतदान में इस्तेमाल हुआ है वो पूरी तरह सुरक्षित हैं। दरअसल, मंगलवार को उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो वायरल कर दिए गए थे, जिसमें कथित रूप से ईवीएम हटाए जाने का दृश्य दिखाया गया था। इसे लेकर कुछ जगहों पर प्रदर्शन भी हुए थे।

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