भारत एक बड़ी मिसाल, जहां करोड़ों मुस्लिम शांति से रहते है - Tez News
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भारत एक बड़ी मिसाल, जहां करोड़ों मुस्लिम शांति से रहते है

tedवॉशिंगटन- अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के दावेदार डोनाल्ड ट्रंप के अमरीका में मुसलमानों का प्रवेश प्रतिबंधित करने के प्रस्ताव पर रिपब्लिकन पार्टी में अलग-अलग राय सामने आई है। कुछ इसके समर्थन में हैं। कुछ ट्रंप की निंदा कर रहे हैं। इस बहस में भारत का भी जिक्र आया है। सीनेटर टेड क्रूज ने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि सभी मुसलमान जेहादी नहीं होते।

उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसे कई देश हैं जहां करोड़ों अमनपसंद मुस्लिम रहते हैं। इनमें भारत एक मिसाल है। टेड ने कहा कि भारत में मुस्लिमों को कोई परेशानी नहीं है। इसके उलट अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट कंट्रोल वाले इलाकों में मुस्लिमों पर ही जुल्म हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कट्टरपंथ के खिलाफ जारी लड़ाई में मजहब को आधार नहीं बनाना चाहिए।

उधर, लास वेगास में मंगलवार रात सीएनएन द्वारा राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन दावेदारों की 2015 की अंतिम बहस में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, हम अलगाव की बात नहीं कर रहे हैं। हम सुरक्षा की बात कर रहे हैं। आव्रजन की कोशिश में लगे हजारों लोग ऐसे हैं, जिनके मोबाइल फोन में आईएस (आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट) का झंडा है। ट्रंप के प्रस्ताव की निंदा करते हुए रिपब्लिकन जेब बुश ने उन्हें मानसिक रूप से असंतुलित कहा। बहस में इस बारे में पूछे जाने पर बुश ने कहा, आप जानते हैं कि डोनाल्ड चुटीली बातों (वन-लाइनर्स) में माहिर हैं। लेकिन वह अराजक प्रत्याशी हैं। और, वह एक अराजक राष्ट्रपति साबित होंगे। वह ऐसे कमांडर इन चीफ नहीं होंगे, जिससे हम अपने देश की सुरक्षा की उम्मीद करते हैं।

ट्रंप ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, जेब इस बात में यकीन नहीं करते कि मैं मानसिक रूप से असंतुलित हूं। उन्होंने यह बात सामान्य रूप से कह दी थी, क्योंकि अपने अभियान (राष्ट्रपति पद के) में वह नाकाम रहे हैं। यह पूरी तरह से त्रासद है। और, साफ कहूं तो मैं यहां पर मौजूद सबसे ठोस इंसान हूं।

राष्ट्रपति पद के अन्य दावेदारों -सीनेटर मार्को रुबियो और पूर्व न्यूरोसर्जन बेन कार्सन- ने ट्रंप की बात को पूरी तरह से खारिज नहीं किया है। इन नेताओं ने चरमपंथी इस्लाम, खासकर आईएस से सख्ती से निपटने की जरूरत पर जोर दिया है। ट्रंप ने बहस के दौरान सोशल मीडिया की मदद से आतंकियों की भर्ती का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इंटरनेट तक पहुंच पर सीमाएं लगानी होंगी। हमारे ही इंटरनेट से हमें ही नहीं मारा जा सकता।

इस पर सीनेटर रैंड पॉल ने लोगों से कहा कि इंटरनेट तक पहुंच पर रोक लगाने का अर्थ आप समझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसीलिए वह सवाल उठा रहे हैं कि क्या ट्रंप गंभीर प्रत्याशी हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से लडऩे के ट्रंप के कुछ प्रस्ताव अमेरिकी मूल्यों के बिल्कुल खिलाफ हैं। इस पर ट्रंप ने हाथ हिला-हिलाकर पॉल की बात को खारिज किया और कहा, देखिए, यही हैं वे लोग जो हमें मारना चाहते हैं।

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