लखनऊ : उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ ही कार्यसंस्कृति में भी बदलाव दिखना शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली व दृढ़ इच्छा शक्ति के कारण जनता सुखद बदलाव महसूस करने लगी है। दफ्तरों में अधिकारी-कर्मचारी समय पर पहुॅचने लगे है। देर से कार्यालय पहुॅचने वाले कर्मियों को अनुपस्थित कर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा रही है।

भ्रष्टाचार की शिकायतों में भी कमी आई है। भ्रष्ट अधिकारियों पर शिंकजा कसा जा रहा है। केन्द्रीय जांच एजेन्सियों को राज्य सरकार पूरा सहयोग दे रही है, इन्कमटैक्स, प्रवर्तन निदेशालय की बढती गतिविधियों से भ्रष्टाचारियों में हडकंप है।भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के मसले पर ‘जीरो टालरेन्स‘ के लिए संकल्पित है। भ्रष्ट कर्मियां को निलम्बित किये जाने का क्रम निरन्तर जारी है।

पिछली सरकारों में किए गए भ्रष्टाचार की वर्तमान सरकार गहनता से जांच भी करा रही है और दोषियों को दण्डित भी करेगी। ईमानदार अधिकारियों की महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनाती से पारदर्शी एवं जबाबदेह प्रशासन सुनिश्चित हो रहा है। पूर्ववर्ती सरकारें विकास के कार्यो में धन की कमी का रोना रोती रही और सरकारी धन का अपव्यय करती रही। योगी सरकार में फिजूलखर्ची पर लगाम लगाई जा रही है। लोकोपयोगी योजनाओं में धन की कमी आड़े आने दी जायेगी।

रिपोर्ट @शाश्वत तिवारी