नई दिल्लीः राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ लोकसभा चुनाव में मालेगांव बम धमाकों में आरोपी और भोपाल से भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के समर्थन में आगे आया है। शहीद हेमंत करकरे पर विवादित बयान के बाद चौतरफा आलोचना का सामना कर रही साध्वी के लिए संघ के इस कदम को बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

संघ ने नेता इंद्रेश कुमार ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि साध्वी आतंकी नहीं हैं बल्कि वे देश प्रेमी हैं और समाजसेवी है इसलिए उसे टिकट दिया जाने पर जो लोग सवाल खड़े करते हैं वो पूरी तरह से आतंकियों और गद्दारों के साथ खड़े हैं। इंद्रेश कुमार ने कहा, साध्वी देशभक्त थी, देशभक्त है और देशभक्त रहेगी। उन्होंने कहा कि उस पर कांग्रेस ने घोर अत्याचार किए। कांग्रेस को इसका प्रायश्चित देशभर में करना चाहिए।

आरएसएस नेता ने आगे कहा कि कांग्रेस और दिग्विजय के लिए यह सुअवसर है कि वह अपनी उम्मीदवार छोड़ कर कहें कि हम लोगों ने जो पाप किया उसके प्रायश्चित के रूप में अपनी उम्मीदवारी वापस लेता हूं। मालूम हो कि इससे पहले साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा था कि उनके श्राप के कारण ही एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे को आतंकियों ने मार डाला था।

साध्वी एक सभा में कहा था कि हेमंत करकरे ने उन्हें इस मामले में बिना किसी सबूत के जेल में बंद रखा। साध्वी ने कहा था कि हेमंत करकरे का यह कदम देशद्रोह था। साध्वी के अनुसार, ‘मैंने कहा जा तेरा सर्वनाश हो जाएगा। इसके सवा महीने बाद आतंकियों ने जब उसे मारा तब सूतक पूरा हुआ।’ हालांकि विवाद बढ़ने के बाद साध्वी ने इस बयान को वापस लेते हुए माफी मांग ली थी।

साध्वी ने कहा कि मेरे बयान से दुश्मन को फायदा हो रहा है इसलिए मैं अपना बयान वापिस ले रही हूं। उन्होंने कहा कि करकरे को लेकर दिया गया बयान उनका व्यक्तिगत बयान था क्योंकि पीड़ा उन्होंने ही सही थी। वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा था कि साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था।

फड़णवीस ने कहा कि हेमंत करकरे बहुत तेजतर्रार और बहादुर पुलिस अधिकारी थे और हमेशा उन्हें शहीद के तौर पर ही याद किया जाएगा। इससे पहले भाजपा ने साध्वी प्रज्ञा के बयान से पूरी तरह से किनारा करते हुए कहा, ‘भाजपा का स्पष्ट मानना है कि हेमंत करकरे आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हुए। भाजपा ने हमेशा उन्हें शहीद माना है।’