सुरक्षा सबका, तुष्टिकरण किसी का नहीं- योगी आदित्यनाथ

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीएए के मुद्दे पर विपक्ष को आडे हाथों लेते हुए कहा कि इस मामले में किसी को भी कानून हाथ में लेने नहीं दिया जाएगा। कानून के साथ जो भी खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष किसी तरह की गलतफहमी का शिकार न हा,े केन्द्र द्वारा बनाये गये हर काूनन को प्रदेश हित में समुचित रूप से लागू किया जाएगा।

यूपी विधानसभा में आज यहां विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर कहा कि लोकतन्त्र में विरोध करने के और भी तरीके है। आप ज्ञापन के माध्यम से या विधानसभा में अपनी बात रख सकते हैं ।इसके अलावा सरकार से संवाद की भाषा में भी बात कर सकते हैं लेकिन लोकतन्त्र की आड़ में आगजनी की छूट नहीं दी जा सकती है। जिसने आगजनी की, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा सबकों तुष्टीकरण किसी का नहीं किया जायेगा। यह भी कहा कि पर्व व त्योहारों पर व्यवधान पड़ा तो किसी को बख्शा नहीं जायेगा। इसपर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने मेजें थपथपाकर मुख्यमंत्री का समर्थन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा विपक्ष कभी आवारा पशुओं और कभी छुट्टा पशुओं के नाम पर एक ही मुद्दे को लगातार उठा रहा है। हमारी सरकार ने गोआश्रय स्थल बनवाये हैं जिनमें साढे चार लाख आवारा गोवंश को आश्रय दिया गया ह। इतना ही नहीं पचास हजार गोवंश को गोपालकों को मुफ्त में दिया गया है। और उसके एवज में रख-रखाव के लिए प्रति गोवंश नौ सौ रूपये प्रति माह प्रदान कर रही है। उन्होंने यह भी अपेक्षा जताीय कि पराली को खेतों में जलाने के बजाय मनरेगा योजना के तहत मजदूरों के माध्यम से गोआश्रय स्थलों तक पहुंचाये। इस काम में सभी विधायकों को एक साथ आने का उन्होंने आह्वान भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट युवाओं को समर्पित है। पुलिस भर्ती, जो की गयी उसमें सरकार ने पूरी पारदर्शिता बरती गयी है। इसके अलावा एक लाख 75 हजार सरकारी नौकरी दी गयी है। ये भर्तियां धन और परिवारवाद से दूर रखी गयी है। इसके अलावा रोजगार मेलों का आयोजन किया गया। सरकार ने तीन वर्ष में हर क्षेत्र में काम किया है। उन्होंने कहा कि 12 सौ करोड़ के बजट से हर जनपद में युवा हब खुलने जा रहे है। सरकार ने बिना टैक्स लगाये राजस्व में वृद्धि की है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश के बजट की पूरे देश मे ंसराहना हो रही है।

इसे पूर्व आज सुबह सदन की कार्यवाही प्रारम्भ होते ही विपक्ष के नेता राम गोविन्द चैधरी, मनोज कुमार पाण्डेय, राकेश प्रताप सिंह ने प्रदेश में जातिवार जनगणना कराने की मांग करते हुए सदन की कार्यवाही रोककर चर्चा कराये जाने की मांग की। सपा के सदस्यों ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव से पूर्व लगातार समय-समय पर जातिवार गणना कराने के पक्ष में रही है। लेकिन जब 2021 में जनगणना होने जा रही है तो भाजपा जातिवाद जनगणना से किनारा कर रही है। इससे उसकी दोहरी मानसिकता का पता चलता है। प्रधानमंत्री ने पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन के समय जातिवार गणना की बात कही थी। विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने मामले को उठाने की अनुमति नहीं दी। इस पर सपा सदस्य वेल में पहुंच गये और काफी देर तक रहे। ऐसी स्थिति पर अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही पहले 35 मिनट स्थगित कर ने की घोषणा की जिसे बाद में दस मिनट और बढ़ाया। कांग्रेस नेता आराधनी मिश्र उर्फ मोना ने जातिवार गणना कराये जाने के बारे में प्रस्ताव पारित करने की मांग उठाया। जिसे अध्यक्ष ने अस्वीकार कर दिया। इसके बाद जब सदन की कार्यवाही शुरू हुयी तो सपा सदस्य अपनी सीट पर आये ओर सदन की कार्यवाही शुरू हुयी।

सपा के मनोज कुमार पाण्डेय के प्रश्न के उत्तर में संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि पीजीआई और केजीएमसी में वेन्टीलेटर बढ़ाने की कार्रवाई की जा रही है। इस बारे में उन्होंने कहा कि एमसीआई के नियमों के तहत 100 बेड पर 20 वेन्टीलेटर उपलब्ध कराये जा सकते है। इसलिए अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ायी जा रही है। बसपा नेता लालजी वर्मा ने वेन्टीलेटर बढ़ाये जाने के समय एनेस्थीसिया के डाक्टरों को तैनात करने का मामला उठाते हुए कहा कि बिना एनेस्थीसिया के डाक्टरों के वेन्टीलेटर लगाने का लाभ नहीं होगा।

विधानसभा अध्यक्ष के द्वारा विधायक निधि से होनेवाले कार्यों की पुनर्समीक्षा करके अद्यतन स्थिति में नये कामों को जोड़ने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने इसपर सदन के सर्वदलीय समिति में विचार करके निर्णय लिये जाने की सहमति व्यक्ति की। जिसका बसपा नेता लालजी वर्मा ने समर्थन किया। भाजपा के सुरेश श्रीवास्तव ने विधायकों के वेतन भत्ते को मंहगाई के इन्डेक्स से जोड़ने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि प्रोटोकाल के हिसाब से प्रदेश के मुख्य सचिव से अधिक वेतन निर्धारित किये जाने की मांग की।

शून्य काल में अध्यक्ष ने पूर्व मंत्री शाकिर अली के निधन की सूचना दी। सदन के सदस्यों ने दो मिनट खड़े रखकर मौन श्रद्धांजलि दी।

@शाश्वत तिवारी