कांग्रेस के दिग्गज नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का मानना है कि उनके भाषण से पार्टी को नुकसान होता है इसलिए वह किसी भी चुनावी अभियान में हिस्सा नहीं लेंगे। इसके अलावा वो सार्वजनिक मंच से भाषण भी नहीं देंगे।

सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जिसमें वह ये बातें कहते हुए नजर आ रहे हैं।

वीडियो में एक कार्यकर्ता ने कांग्रेस नेता से पूछा कि क्या वो इस बार सीएम नहीं बनेंगे। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि ‘काम नहीं किया तो सपने देखते रह जाओगे। सपने देखते रहोगे तो सरकार ऐसे नहीं बनेगी। इसलिए जिसको टिकट मिले, चाहे दुश्मन को टिकट मिले, उसे जिताओ।’

सिंह ने आगे कहा, ‘मेरा केवल एक काम है। वो है- कोई प्रचार नहीं, कोई भाषण नहीं। मेरे भाषण देने से कांग्रेस के वोट कटते हैं इसलिए मैं जाता नहीं।’

सूत्रों की मानें तो दिग्विजय सिंह का ये भाषण मध्यप्रदेश में कांग्रेस के विभाजन को दर्शाता है। हालांकि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस, भाजपा के खिलाफ मजबूत दावेदारी पेश करने के लिए काफी संघर्ष कर रही है।

सूत्रों का कहना है कि एमपी कांग्रेस पार्टी के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। एक न्यूज पोर्टल ने तो यहां तक दावा किया है कि राज्य में कांग्रेस नेता कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच गुटबंदी चल रही है।

दोनों धड़ों के प्रशंसकों की बीच पोस्टरवार चल रहा है जिसमें उन्हें चुनाव के बाद सीएम पद का दावेदार बताया गया।

इसके अलावा पार्टी के भीतर चल रही अंदरुनी कलह के बीच भोपाल हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिए कि कांग्रेस लीडर कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रशांत पांडे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए, क्योंकि ये व्यापम घोटाला जांच को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

इसके अलावा बता दें कि चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा भी कर दी है। जिन पांच राज्यों में चुनाव होने हैं उनमें मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थआन, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना शामिल हैं।