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बैंक मैनेजर की हरकत से मानवता हुई शर्मसार

shamed-by-the-state-bank-of-mandsaurमन्दसौर:  मुखर्जी चौक स्थित भारतीय स्टेट बैंक में मानवता उस समय शर्मसार हो गयी, जब एक लकवाग्रस्त वृद्ध ऑटो रिक्शा में तड़पता रहा और बैंक मैनेजर ने नियमो का पाठ पढ़ाकर रूपये जमा करने से ही मना कर दिया। करीब तीन घण्टो की मिन्नतों के बाद मेनेजर का ज़मीर नहीं जगा और वृद्ध को उनका पुत्र बेरंग घर ले गया।

यह शर्मनाक हादसा बुधवार को हुआ।  मन्दसौर के खानपुरा क्षेत्र के रहने वाले 86 वर्षीय शांतिलाल जैन मुखर्जी चौक स्थित बैंक पहुंचे। चूँकि वृद्ध लकवाग्रस्त थे, ऐसे में उनका पुत्र उन्हें जैसे तैसे ऑटो रिक्शा से लेकर पहुंचा था। बेटे ने बकायदा जमा स्लिप भरी और पहचान पत्र पर पिता का अंगूठा लगाकर रूपये जमा करने के लिए पहुंचा तो बैंक प्रबंधन ने रूपये लेने से मना कर दिया। वृद्ध, जो कि  ऑटो से पहुंचे थे, उनकी स्थिति बताई उसके बावजूद बैंक मैनेजर का दिल नहीं पसीजा और रूपये लेने से मना कर दिया।

मुंह से कहलवाने की पकड़ी जिद्द:-
वृद्ध के पुत्र राजेश जैन के मुताबिक पैरालिसिस की वजह से पिता बोल नहीं पाते हैं, यह बात बताने पर भी मैनेजर ने मुंह से कहलवाने की रट पकड़ ली। राजेश के मुताबिक पिता के मुंह में भोजन की नली और यूरिन के लिए नली और बेग लगे होने की स्थिति के बावजूद बैंक प्रबंधन ने एक नहीं सुनी और 3 घंटे की मिन्नतों के बाद भी उनका दिल नहीं पसीजा।

रूपये जमा करने इंदौर से आये थे वृद्ध:-
स्टेट बैंक में जिस वृद्ध के साथ यह शर्मनाक बर्ताव हुआ, उनकी दुकान बैंक से महज 70 मीटर की दूरी पर सनराइज स्टेशनरी के नाम से सालो से रही। करीब 1 साल से लकवाग्रस्त वृद्ध को उनका पुत्र उपचार हेतु इंदौर ले गया था। नोटबंदी की घोषणा के बाद भीड़ कम होने का इन्तजार कर रहा पुत्र उन्हें इंदौर से स्पेशल जैसे तैसे मन्दसौर लेकर पहुंचा था, लेकिन उसके रूपये जमा हो ही नहीं पाए।

40 हजार रूपये करने थे जमा:-
बताया जाता हैं कि मन्दसौर के खानपुरा में रहने वाले शान्तिलाल जैन स्टेट बैंक के पुराने ग्राहकों में शुमार हैं।  मन्दसौर में उनकी पुरानी बचत के 40 हजार रूपये के पुराने नोट रखे थे , वही जमा कराने वे गम्भीर हालत के बावजूद मन्दसौर पहुंचे थे।

क्या कहते हैं अधिकारी:-
भारतीय स्टेट बैंक की मुखर्जी चौक शाखा में हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। आर बी आई के नए सर्कुलर के तहत कोई भी खाते में कितनी भी राशि उपभोक्ता जमा कर सकता हैं। इस घटना से उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जायेगा और पीड़ित को न्याय दिलाया जाएगा।
सुधीर कुमार
मैनेजर, लीड बैंक, मन्दसौर

न पहुंचे नेता – कार्यकर्ता,  जनप्रतिनिधि भी मौन!
स्टेट बैंक की मन्दसौर शाखा में जो हुआ उसने निश्चित ही बैंक प्रबंधन की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर छोड़ा हैं। वही मन्दसौर में इतनी बड़ी घटना के बाद सहायता बूथ लगाकर वाहवाही लूटने वाले कांग्रेस व भाजपा के नेता और कार्यकर्त्ता भी नदारद रहे। इतना ही नहीं कही भी जनप्रतिनिधियो ने भी मामले में कोई सुध नहीं ली।

रिपोर्ट @प्रमोद जैन 






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