भाजपा नेता बोले – मुसलमान न होते तो मिसाइल मैन और अबुल कलाम जैसे लोग कहां से मिलते

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लिट्टी-चोखा खा रहे हैं लेकिन दर्द विपक्ष के पेट में हो रहा है।

उन्होंने चुटीले अंदाज में कहा कि लिट्टी अच्छी थी। प्रधानमंत्री ने दो खाये, आप दस खाओ। लिट्टी-चोखा प्रधानमंत्री ने खाये, लेकिन ये विपक्ष को पच नहीं रहा है।

पूर्णिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुये शाहनवाज हुसैन ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के उस बयान को भी निशाने पर लिया जिसमें उन्होंने कहा था कि वर्ष 1947 में ही मुसलमानों को पाकिस्तान चले जाना चाहिए था।

शाहनवाज हुसैन ने कहा कि यह देश जितना हिंदुओं का है उतना ही मुसलमानों का। बीजेपी नेता ने कहा कि अगर मुसलमान न होते तो कलाम साहब (अब्दुल कलाम), मौलाना अबुल कलाम आजाद और शाहनवाज हुसैन जैसे लोग कहां से मिलते।

उन्होंने AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी के मंच पर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाये जाने और वारिस पठान के देश विरोधी भाषण पर कहा कि इस देश में किसी को इस तरह की इजाजत नहीं है।

शाहनवाज ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून से भारत के 130 करोड़ लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं है बल्कि पाकिस्तान, अफगनिस्तान और बांग्लादेश के अल्पसंख्यक, जो वहां जिल्लत भरी जिंदगी जी रहे हैं, उसको यहां की नागरिकता देने के लिये, बसाने के लिये ये कानून बनाया गया है।

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून पर विपक्ष भ्रम फैला रहा है, लेकिन देश के मुसलमानों को डरना नहीं चाहिये।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत आगमन पर गुजरात में दीवार बनाने पर शाहनवाज हुसैन ने कहा कि पाकिस्तान कह रहा है कि भारत झुग्गियों का देश है। यहां के भी कुछ नेताओं को भारत की प्रतिष्ठा अच्छी नहीं लगती है बल्कि उन्हें सपेरों का देश और झुग्गी-झोपड़ियों का देश कहलाना ज्यादा पसंद है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई मेहमान आता है तो हम अपने घरों को सजाते हैं। ऐसे में लोगों के पेट में क्यों दर्द हो रहा है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के टीवी चैनलों पर दिखाया जा रहा है कि भारत झुग्गियों का देश है उन्हें पूर्णिया आकर देखना चाहिये कि कितना विकास हुआ है।