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संसद में जेएनयू और रोहित वेमुला पर तिखी बहस

smriti irani rajya sabhaनई दिल्ली – जेएनयू विवाद और रोहित वेमुला का मामला संसद तक पहुंच गया है। बजट सत्र के पहले ही दिन लोकसभा और राज्‍यसभा में मानव संसाधन मंत्री स्‍मृति ईरानी को घेरा। लोकसभा में दोपहर 3 बजे जेएनयू और रोहित वेमुला के मुद्दे पर चर्चा से हुई।

इससे पहले राज्यसभा कि चर्चा की शुरुआत करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने संघ और केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। इसके बाद बसपा सांसद वील में आकर नारेबाजी करने लगे और सदन को कई बार स्थगित करना पड़ा।

इस बीच राज्यसभा में रोहित वेमुला को लेकर स्मृति ईरानी और मायावती के बीच तीखी बहस हो गई। बसपा के लगातार हंगामे से नाराज स्मृति ईरानी ने कहा कि मायावती जी आप एक महिला हैं और वरिष्ठ हैं। मैं आपसे कहना चाहती हूं कि अगर आप न्याय चाहतीं हैं या मेरा जवाब चाहती हैं तो मेरी बात सुनें। जो कमेटी बनाई गई है उसमें दलित भी शामिल हैं लेकिन आप उसे नजरअंदाज कर रही हैं। मैं पूरे सदन के सामने कहती हूं कि मैं जवाब देने को तैयार हूं जवाब से संतुष्ट नहीं तो सिर कलम करके रखने को तैयार हूं।

इससे पहले सरकार ने तय किया कि बजट सत्र में सरकार की ओर से संसद को सुचारु रखने के लिए समुचित वार्ता तो होगी, लेकिन किसी भी मुद्दे पर सरकार जवाब देने में कोई मुरव्वत नहीं बरतेगी। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की ओर से संसदीय दल को स्पष्ट किया है कि मुद्दा जेएनयू का हो या हैदराबाद विश्वविद्यालय का, पूरे तथ्यों के साथ विपक्ष को ही कठघरे में खड़ा करें।

कांग्रेस के जमाने से दलित छात्रों का उत्पीड़न हो रहा है। अब संघ की विचारधारा थोपने की कोशिश की जा रही है। अंबेडकर को मानने वालों पर उत्याचार हो रहा है। सरकार पीड़ित छात्रों की मदद नहीं कर रही। – मायावती, बसपा
हम इस देश में हम असहिष्‍णुता महसूस कर रहे हैं। हमारा देश एक गुलदस्‍ता है जिसमें हर जाति, धर्म के फूल खूशबू बिखेरते हैं। सरकार एक तरफ बाबा साहब अंबेडकर की जयंति मनाती है उनके मल्‍यों का प्रचार करती है वहीं दूसरी तरफ बाहर जाकर दलितों पर अत्‍याचार कर रही है। एक छात्र की जान चली गई और सरकार उसकी जाति को लेकर कहती रही की वो दलित नहीं था। उसकी जाति जो भी हो लेकिन किसी छात्र की जान जाना बड़ी बात है। जेएनयू मामले में राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रदर्शन को हाफिज सईद का समर्थन था उन्‍हें ऐसा कहने से पहले जांच करनी चाहिए थी। नारेबाजी देशद्रोह नहीं है।– कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया
सरकार ने कहा था कि वो चर्चा के लिए तैयार हैं। मैं भी सदन में बोलूंगा और जब मैं बोलूंगा तो मुझे वो बोलने नहीं देंगे क्योंकि  वो मुझसे डरते हैं।– राहुल गांधी
जो भी संसद में बोलना चाहते हैं बोल सकते हैं। हमारी सरकार किसी को भी बोलने से नहीं रोकेगी।-राजनाथ सिंह
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