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सोलर पावर प्लांट लगाने पर मिलेगा बिजली बिल में अनुदान

solar power plantकुरुक्षेत्र : सोलर पावर प्लांट का प्रयोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक अच्छी खबर हैं। सोलर पावर प्लांट लगाने पर अब बिजली उपभोक्ताओं को 25 पैसे प्रति यूनिट बिजली बिल में अनुदान प्रदान किया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने बताया कि हरेड़ा एवं अक्षय उर्जा विभाग हरियाणा की तरफ से नैट मीटरिंग योजना के तहत आनग्रिड सोलर पावर प्लांट लगाने उपरांत प्रार्थी को बिजली विभाग नैट मीटरिंग के लिए एक अलग आवेदन करना होगा। नैट मीटर सोलर प्लांट से कितनी यूनिट ग्रिड में फीड हुई और ग्रिड रेट कितनी बिजली उपभोक्ता द्वारा खर्च की गई इसका हिसाब-किताब रखेगा।

उन्होंने कहा कि उपभोक्ता को सोलर प्लांट द्वारा बिजली बोर्ड की भेजी गई यूनिट का बिल कम करके भेजा जाएगा। साथ ही सोलर पावर प्लांट लगाने पर उपभोक्ता को 25 पैसे प्रति यूनिट बिजली बिल में अनुदान भी प्रदान किया जाएगा। इतना ही नहीं अक्षय उर्जा विभाग एवं नवीन एवं नवीनीकरण उर्जा मंत्रालय द्वारा इस समय 30 प्रतिशत अनुदान भी दिया जाएगा और यह सौर उर्जा प्लांट पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा।

एडीसी ने कहा कि अक्षय ऊर्जा सरंक्षण अधिनियम 2001 की धारा-18 द्वारा प्रदत शक्तियों का उपयोग करते हुए  के राज्यपाल ने प्रदेश में ऊर्जा के सफल उपयोग के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगमों, नगर परिषदों, नगरपालिकाओं, हरियाणा नगरीय विकास प्राधिकरण तथा हरियाणा राज्य औद्योगिक अवसरंचना विकास निगम के सेक्टरों की सीमा के अंदर आने वाले 500 वर्ग गज या इससे अधिक आकार के सभी आवासीय भवनों पर कम से कम एक किलोवाट अथवा सवंद्ध भार का 5 प्रतिशत जो भी अधिक हो, सौर फोटोवोलटाईक विद्युत सयंत्र लगाना जरूरी कर दिया है।

उन्होंने बताया कि 30 किलोवाट या अधिक सवंद्ध भार वाले सभी निजी शैक्षणिक संस्थाओं, विद्यालयों, महाविद्यालयों, छात्रावासों, तकनीकी व व्यवसायिक शिक्षा संस्थानों, विश्वविद्यालयों आदि पर भी कम से कम 5 किलोवाट या अधिक क्षमता वाले सौर फोटोवालटाईक विद्युत सयंत्र स्थापित करने होंगे। उन्होंने बताया कि 30 किलोवाट या इससे अधिक सवंद्ध भार वाले सभी सरकारी भवनों और कार्यालयों, सरकारी महाविद्यालयों, जिला शिक्षा तथा प्रशिक्षण संस्थान, सरकारी शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों पर भी कम से कम 2 किलोवाट अथवा सवंद्ध भार का 5 प्रतिशत अथवा जो भी अधिक हो, क्षमता वाले सौर विद्युत सयंत्र लगाने होंगे।

एडीसी ने कहा कि राज्य सरकार ने ऐसे सभी निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, मॉल्स, होटेल, मोटेल, समारोह हॉल तथा पर्यटन काम्पलेक्स, जिनका सवंद्ध भार 50 किलोवाट से एक हजार किलोवाट है, उन पर कम से कम 10 किलोवाट अथवा सवंद्ध भार का 5 प्रतिशत, जो भी अधिक हो तथा हजार किलोवाट से अधिक सवंद्ध भार वाले संस्थानों को कम से कम 50 किलोवाट अथवा सवंद्ध भार का तीन प्रतिशत, जो भी अधिक हो, क्षमता वाले सौर विद्युत सयंत्र स्थापित करने होंगे।

उन्होंने बताया कि समुह आवासीय समितियों, बिल्डिरों, आवासन बोर्ड के सभी भुखंड पर विकसित सभी नये आवासीय परिसर, जिनमें आधे एकड़ से एक एकड़ पर कम से कम 10 किलोवाट, एक एकड़ से अधिक और दो एकड़ तक कम से कम 20 किलोवाट, 2 एकड़ से अधिक और 5 एकड़ तक कम से 30 किलोवाट तथा 5 एकड़ से अधिक आवासीय भुखंड परिसर पर कम से 40 किलोवाट वाला सौर ऊर्जा विद्युत सयंत्र स्थापित करना होगा।

उन्होंने बताया कि सरकार के नये नियमानुसार एक हजार किलोवाट और अधिक सवंद्ध भार वाले सिंचाई विभाग के सभी वाटर फिटिंग स्टेशन पर कम से कम 50 किलोवाट अथवा सवंद्ध भार का 3 प्रतिशत जो भी अधिक हो, की क्षमता वाले सौर ऊर्जा विद्युत सयंत्र की स्थापना करनी होगी।

सरकार की योजना है कि गांव की खाली पड़ी शामलात भूमि पर सौर पावर प्लांट लगाए जाएंगे, इन सौर प्लाटों को सब स्टेशन से जोड़ा जाएगा जिससे बिजली में बढ़ोतरी होगी।

सरकार की योजना है कि गांव के सरकारी स्कूलों की छतों पर 40 किलोवाट के प्लांट लगाए जाएंगे, दिन में इन प्लाटों से मिलने वाली बिजली से स्कूलों में पंखे, लाईट व कम्प्यूटर चलाए जाएंगे तथा रात के समय इस बिजली से गांव की स्ट्रीट लाईटें जलेंगी।

योजना के अनुसार जिस क्षेत्र में नहर के किनारे धूप अधिक निकलती है वहां पर सौर प्लेटे लगाए जाएंगी। इससे मिलने वाली बिजली को नजदीक के गांव में प्रयोग किया जाएगा। इसके लिए सर्वे किया जा रहा है। रिपोर्ट – सागर बंसल

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