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बिहार टॉपर स्कैम पर बोले नीतीश, सख्ती की वजह से आया ख़राब रिजल्ट

बिहार टॉपर स्कैम मामले पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि जांच में फर्जीवाड़े का पता चलने पर एफआईआर दर्ज की गई। इस बार परीक्षा में पूरी सख्ती की गई। नीतीश बोले कि जब जांच में पता चला कि टॉपर दूसरी बार परीक्षा दे रहा है तो मैने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए।

नीतीश ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि जो भी एजुकेशन डिपार्टमेंट की ओर से दी गई जानकारी पर आगे भी एक्शन ले रहे हैं। बिहार बोर्ड में नतीजों खराब आने पर नीतीश ने कहा कि सख्ती लाने के बाद ही ऐसे नतीजे आए हैं। हमारे इन कदमों से परीक्षा में सुधार हो रहा है।

बता दें कि इससे पहले बिहार बोर्ड के फर्जी टॉपर मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने मामले में समस्‍तीपुर के संजय गांधी हाईस्कूल की प्रिंसिपल देव कुमारी, उनके पति और पूर्व सचिव रामकुमार चौधरी और बेटे गौतम को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही पुलिस ने स्कूल का ताला खुलवाकर कुछ दस्तावेज भी जब्त किए हैं।

दरअसल, टॉपर घोटाले में पुलिस को सबसे बड़ी सफलता संजय नाम के शख्स की गिरफ्तारी से मिली। संजय को नकल माफिया गुट से जुड़ा बताया जा रहा है। संजय पटना में शिक्षा माफिया के रूप में जाना जाता था। वह पटना से पूरे बिहार में अपना नेटवर्क चला रहा था।

उसी ने बिहार बोर्ड के इस साल के इंटर आर्ट्स के फर्जी टॉपर रहे गणेश कुमार का मैट्रिक और इंटर में फॉर्म भरवाने में मदद की थी। इस मामले में रामनंदन सिंह जगदीश नारायण इंटर कॉलेज के संचालक और बीजेपी नेता जवाहर प्रसाद सिंह और उनके प्रिंसिपल बेटे अभितेंद्र कुमार की गिरफ्तारी भी तय मानी जा रही है। दोनों अभी फरार हैं।

चिटफंड के मामले में भी आया गणेश का नाम
गणेश को आईपीसी की धारा 417 , 418, 419, 420, 466, 468, 208, 201, और 120बी के तहत गिरफ्तार किया गया है। 2 जून को बीएसईबी के सेक्शन अफसर बिपिन कुमार सिंह ने गणेश के खिलाफ कोतवाली पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई थी। पटना के एसएसपी मनु महाराज ने गणेश से पूछताछ के बाद कहा कि आर्ट्स ”टॉपर” कोलकाता की चिट फंड कंपनी के 15 लाख रुपये गबन करने का दोषी था। उन्होंने बताया कि वह झारखंड के गिरीदीह में एक चिट फंड कंपनी का कर्मचारी था।

उन्होंने बताया कि साल 2013 में वह पटना से भाग गया था, क्योंकि लोग उस पर चिट फंड कंपनी की ओर से लिए गए पैसे वापस देने का दबाव बनाने लगे थे। गणेश को आईपीसी की धारा 417 , 418, 419, 420, 466, 468, 208, 201, और 120बी के तहत गिरफ्तार किया गया है। 2 जून को बीएसईबी के सेक्शन अफसर बिपिन कुमार सिंह ने गणेश के खिलाफ कोतवाली पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई थी।

गौरतलब है कि बिहार बोर्ड की 12वीं परीक्षा के एग्जाम में गणेश ने टॉप किया था. गणेश की उम्र 42 साल है, लेकिन उसने खुद को 24 साल का बताकर एग्जाम दिया था। इस खुलासे के बाद गणेश का रिजल्ट निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उसे गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

@एजेंसी

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