Home > India News > बूचड़खाने बंद करने के वादे का पालन करे: संत कमलमुनि

बूचड़खाने बंद करने के वादे का पालन करे: संत कमलमुनि

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने यूपी चुनाव में घोषणा कर वचन दिया था कि यदि हमारी सरकार बनी तो गौ कानून बनाकर बूचड़खाने बंद किए जाएंगे। जीत पर प्रधानमंत्री मोदी एवं अमित शाह को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि अब समय आ गया कि वे अपने वचन का पालन करे।

खंडवा : पशु धन बचेगा तो यह देश बचेगा, संस्कृति बचेगी, धर्म बचेगा, पर्यावरण की रक्षा होगी। पशु धन का विनाश होगा तो प्राकृतिक संतुलन गड़बड़ाएगा और देश में प्राकृतिक आपदाएं बाढ़, भूकंप की मार हमें झेलना पड़ेगी। गौवंश की रक्षा हम सब का परम दायत्वि है। पहले हर घर में गौमाता हुआ करती थी लेकिन अब ढूंढने से भी गौमाता नहीं मिलती। मांस निर्यात को कठोर नियम बनाकर बंद करना होगा। गौशालाओं का निर्माण कर गौमाताओं को बचाना होगा। यह बात देश के राष्ट्रीय संत कमलमुनि कमलेश ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने यूपी चुनाव में घोषणा कर वचन दिया था कि यदि हमारी सरकार बनी तो गौ कानून बनाकर बूचड़खाने बंद किए जाएंगे। जीत पर प्रधानमंत्री मोदी एवं अमित शाह को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि अब समय आ गया कि वे अपने वचन का पालन करे। जिस प्रकार देश में मछली, कुकड़ मंत्रालय बन सकता है तो गौ मंत्रालय क्यों नहीं। गौशाला के लिए जमीन नहीं दी जा रही मगर बुचड़खाने के लिए जमीन दी जा रही है। उन्होंने हर शहर में कांजी हाऊस को गौशाला में परिवर्तित करने की बात कही। गौशाला के लिए सबसीडी क्यों नहीं दी जाती। गौसंवर्धन के लिए भी अनुदान दिया जाना चाहिए। कोई भी धर्म पशु हत्या की बात नहीं करता लेकिन आज सरेआम गौमाताओं की हत्या की जा रही है इस पर रोक जरूरी है। गौ-चर भूमि पर पशुओं का अधिकार है, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश है लेकिन नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। बीजेपी सरकार ने कहा था कि दो तिहाई बहुमत मिलेगा तो गौ मंत्रालय बनाए जाएगा लेकिन अभी तक नहीं पूरा नहीं हुआ।

देश के प्रधानमंत्री दो घंटे में नोटबंदी कर सकते हंै तो दो घंटे में गौरक्षा कानून क्यों नहीं बना सकते। गौमास का निर्यात लगातार बढ़ते जा रहा है। पशुओं के बूरे दिन देखने को मिल रहे हैं। कोई भी आतंकवादी पशुओं की हत्या नहीं करता लेकिन सरकार पशुओं की हत्या करा रही है। पशु धन सर्वोत्तम धन है। देश में तीस प्रतिशत नकली दूध आ रहा है, नकली दूध से स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां तक कि पंजाब के खेतों में कीटनाशक का इतना उपयोग किया जा रहा है जिससे मां के दूध में भी वह पाया जा रहा है। मूर्तियों, मंदिरों पर करोड़ों रूपए हम खर्च कर रहे हैं। हमारे देश में तीस लाख मंदिर है और मंदिरों में लाखों करोड़ा का मार्बल लगा सकते हैं लेकिन इतने भव्य मंदिर में गाय नहीं पाल सकते क्या? देश के हर मंदिर में एक गाय का पालन हो तो गायें बच सकती है। पशु धन नहीं बचा तो देश की संस्कृति मिट जाएगी। गौरक्षा के नाम पर आंदोलन तो हो रहे है उसमें भी पैसा खर्चा हो रहा है, आंदोलन से नहीं पालन से बचेगी गौमाता।

जन्म देने वाली मां से बढक़र है गौमाता। महात्मा गांधी ने भी गौ कानून की बात कही थी। मप्र में गौ कानून है लेकिन फाईव स्टार होटलों में गौमास परोसा जा रहा है इस पर निगरानी की आवश्यकता है। शेरों के पालन के लिए करोड़ों रूपए खर्च कर रहे हैं लेकिन गाय के पालन के लिए बोलती बंद हो जाती है। पर्यावरण कानून में जीव-जंतु की रक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। यदि जीव-जंतुओं की हत्याएं होती रहेगी तो भूकंप, सूखा, अकाल, अतिवृष्टि होती रहेंगी। पृथ्वी को बचाना है तो गाय को बचाना जरूरी है। गौमाता पर रिसर्च सेेंटर होना चाहिए। साधु-संतों के साथ हमनें 70 जेलों के साथ गांव-गांव में गौशालाएं खुलवाई ताकि गायों को बचाया जा सके। पाकिस्तान आतंकवाद देश है इसको आतंकवादी देश घोषित किया जाना चाहिए। हमारे देश से विदेश में खेलने जा रहे खिलाड़ी को जितने पर करोड़ों रूपया दिया जाता है  लेकिन सरहद पर शहीद जवान के परिवार को क्यों नहीं मिलती सहायता।

कानपूर में आतंकवादी के शव को न लेने पर मुनिश्री कमलमुनि ने कहा कि उस पिता की मैं तारीफ करता हूं जिन्होंने कहा कि जो देश का न हुआ वो मेरा कैसे हो सकता है। ऐसे पिता का हम सम्मान करते हैं। मुनिश्री ने कहा कि पॉलीथिन पर रोक की बात तो हम करते हैं लेकिन उत्पादन पर ही रोक लगा दी जाए तो सारी झंझट खत्म हो जाएगी। शराब पूरे देश में एक साथ बंद होनी चाहिए। शराब से युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है, अपराध बढ़ रहे हैं। लोग बीमार हो रहे हैं। छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ रही है। शराबबंदी को लेकर केंद्र सरकार व राज्य सरकार दोनों मिलकर पूरे देश में शराब बंद करनी चाहिए। अब समय आ गया है कि जनक्रांति ही एक वैचारिक क्रांति हो। शहीदों ने तो खून बहाया देश की रक्षा के लिए हम देश की बुराईयों को दूर करने के लिए पसीना तो बहा सकते हैं।

समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि भारत सरकार की ओर से सम्मानित गौरक्षा, व्यसन मुक्ति, पर्यावरण, सर्वधर्म सद्भाव, अहिंसा एवं राष्ट्रीय एकता के सजग प्रहरी क्रांतिकारी राष्ट्रीय संत कमलमुनिजी कमलेश वर्षो बाद खंडवा पधारे हैं। इनके साथ घनश्याम मुनि और कौशलमुनि भी साथ हैं। होली का चातुर्मास वे खंडवा में ही धर्म प्रभावना के माध्यम से करेंगे। इस अवसर पर मुनिसंघ के साथ समाज के जवेरीलाल जैन, शांतिलाल छाजेड़, स्वरूपचंद जैन, सुनील जैन उपस्थित थे। मुनिसंघ के प्रतिदिन प्रवचन प्रात: 9 बजे स्थानक भवन में होंगे एवं दोपहर में तत्व चर्चा, शाम को गुरू भक्ति के साथ युवाओं को मार्गदर्शन प्रदान कर धर्म की प्रभावना करेंगे।

Our News Network and website neither have any collaboration and connection directly nor indirectly with “India Today Group/ITG” ,TV Today Network, Channel Tez TV media group .