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कर्मवीर विद्यापीठ में हर्षोल्लास से मनाया शिक्षक दिवस

Teachers' Day celebrated in Karmaveer Vidyapeeth at khandwaखंडवा- माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्र पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के विस्तार परिसर कर्मवीर विद्यापीठ के छात्रों ने परिसर में शिक्षक दिवस का आयोजन किया। शिक्षक दिवस के इस पावन अवसर पर संस्था के ही समस्त शिक्षकों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया।

कार्यक्रम की शुरूआत मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलन के साथ ही डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन व माखनलाल चतुर्वेदी के चित्रों पर माल्यार्पण कर की गई। कार्यक्रम में छात्रों ने संबोधित करते हुए डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन पर प्रकाश डाला। जनसंचार प्रथम वर्ष के छात्र शिवम ने कहा कि श्री राधाकृष्णन ने अपना जन्मदिन शिक्षकों को समर्पित कर आने वाली पीढिय़ों को शिक्षा और शिक्षकों के प्रति आदर का भाव प्रकट किया है। जन संचार के छात्र राजिद अहमद ने अब्राहम लिंकन का पत्र पढ़कर गुरूओं की महिमा का बखान किया। यह पत्र अमरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने अपने पुत्र को लिखा था।

मास्टर आफ जर्नलिजम के छात्र विवेकसिंह तंवर ने वर्तमान शिक्षा और शिक्षकों की स्थिति पर बोलते हुए कहा कि शिक्षा नीति को और सुदृढ़ बनाया जाना चाहिए। पंचम सत्र के छात्र आदर्श तिवारी ने शिक्षकों की महिमा बताते हुए कहा कि गुरू को ब्रम्हा का दर्जा प्राप्त है, गुरू हमारे भगवान है और गुरू का अनादर करना भगवान का अनादर करने के बराबर है। भूले से भी गुरू का अनादर न करें, गुरू एक सम्मानीय व्यक्तित्व है, शास्त्रों में इसे विशेष दर्जा दिया गया है।

मास्टर आफ जर्नलिजम के छात्र निशात सिद्दीकी ने गुरू-शिष्य की परंपरा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिस तरह एकलव्य ने गुरू की प्रतिमा बनाकर उसे ही अपना गुरू माना और गुरू दक्षिणा में अपना अंगूठा तक गुरू को समर्पित कर दिया। इसी भाव से हम सब को भी गुरूओं का आदर करते हुए गुरूओं को पूरा सम्मान और आदर देना चाहिए। संस्था के ही शिक्षक एमआर मंडलोई ने पूर्वकाल में दी जाने वाली शिक्षा को आधुनिक शिक्षा से जोड़कर विद्यार्थियों को मार्ग दर्शित किया। अतिथि शिक्षक प्रमोद सिन्हा ने शिक्षकों से जुड़ा संस्मरण सुनाकर छात्रों को शिक्षकों के प्रति प्रेरित कर मार्गदर्शित किया।

संस्था के प्राचार्य व कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संदीप भट्ट ने शिक्षक दिवस के अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक की डांट में भी छात्रों का भला छुपा होता है। शिक्षक छात्र को उस माटी की तरह गुंदता है जो बिखरी पड़ी होती है। उसे तरीके से गुंद कर एक बेहतर शिल्प तैयार करना शिक्षक का दायित्व होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक सिर्फ शिक्षा ही नहीं देता वह अपने शिष्यों में ज्ञान का प्रकाश भी भरता है। हर कामयाब व्यक्ति के पीछे उसके गुरू की मेहनत साफ झलकती है।

शिक्षक दिवस के अवसर पर छात्रों ने कविता पाठ और शिक्षकों के सम्मान में गीत भी गाए। वहीं सभी शिक्षकों को इस पावन अवसर पर पुस्तक भी भेंट स्वरूप प्रदान की गई। कार्यक्रम का संचालन आदर्श गौतम व विनिता शिंदे ने किया। इस अवसर पर कर्मवीर विद्यापीठ के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं व छात्र मौजूद थे।




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