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पुणे हिंसा : जिग्नेश मेवाणी, उमर खालिद के कार्यक्रम रद्द

महाराष्ट्र के पुणे में भीमा-कोरेगांव युद्ध की 200वीं सालगिरह पर हुई जातीय हिंसा के बाद आज महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई में प्रस्तावित दलित नेता जिग्नेश मेवानी और जेएनयू के छात्र उमर खालिद के कार्यक्रम को रद्द कर दिया है। विले-पार्ले में होने वाले इस कार्यक्रम को पुलिस ने रद्द कर दिया है। कार्यक्रम में गुजरात के नवनियुक्त निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी और जेएनयू देशविरोधी नारे मामले में चर्चित छात्रनेता उमर खालिद शामिल होने वाले थे। इसके अलावा इन दोनों पर पुणे में भी हिंसा भड़काने को लेकर केस दर्ज किया गया है।

ये कार्यक्रम विले पार्ले के भाईदास हॉल में ऑल इंडिया नेशनल स्टूडेंट्स समिट के बैनर तले होना था। लेकिन जिग्नेश और उमर खालिद पर शिकायत दर्ज होने के बाद मुंबई पुलिस ने इस कार्यक्रम पर रोक लगा दी।

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महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई में प्रस्तावित दलित नेता जिग्नेश मेवानी और जेएनयू के छात्र उमर खालिद के कार्यक्रम को रद्द कर दिया है। गुरुवार (4 जनवरी) को मुंबई के भाईदास हॉल में छात्र भारती नाम के संगठन ने जिग्नेश और उमर को कार्यक्रम में बुलाया था। छात्र भारती के उपाध्यक्ष सागर भालेराव ने बताया कि उन्होंने भाईदास हॉल को अपने संगठन के ऑल इंडिया समिट के लिए रिजर्व किया था। लेकिन पुलिस अब इस कार्यक्रम में किसी को जाने नहीं दे रही है। सागर भालेराव का कहना है कि मुंबई पुलिस ने पिछले दो तीन दिनों की हिंसा का हवाला देकर कार्यक्रम रद्द कर दिया है। इधर जब पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे लोगों को अंदर जाने से रोका था छात्र नारेबाजी करने लगे और जबरन अंदर जाने की कोशिश कर लगे।

इस दौरान पुलिस और छात्रों में झड़प हुई। पुलिस ने एहतियातन कई लोगों को हिरासत में लिया है। मुंबई पुलिस का कहना है कि इन लोगों ने धारा-144 का उल्लंघन किया था इसलिए इन्हें हिरासत में लिया गया है। बता दें कि महाराष्ट्र में जातीय हिंसा को भड़काने के आरोप में पुणे पुलिस ने गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवानी और जेएनयू छात्र उमर खालिद के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया है। पुलिस ने इनपर भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया है। इधर मुंबई हिंसा की लपटें अब गुजरात में भी फैल रही है। गुजरात के जूनागढ़ के नजदीक प्रदर्शनकारियों ने राजकोट-सोमनाथ नेशनल हाईवे को बंद कर दिया है। प्रदर्शनकारी सड़कों पर बैठ गये हैं और भीमा-कोरेगांव की हिंसा का विरोध कर रहे हैं।

गौरतलब है कि सोमवार को कोरेगांव-भीमा में आंग्ल-मराठा युद्ध की 200वीं वर्षगांठ पर एक जनवरी को आयोजित समारोह में हुए दंगे में एक युवक की मौत के विरोध में महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया गया था। इस समारोह में अंग्रेजों द्वारा सानसवाडी गांव में बनाये गए विजय स्तंभ के पास भारी तादाद में दलित समुदाय के लोग इकट्ठा हुए थे,जहां पत्थरबाजी की घटना के बाद हिंसा भड़क उठी जिसमें 28 वर्षीय राहुल फटंगले की मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि प्रदेशभर में हुई हिंसा के सभी वारदात की जांच करवाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

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