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सरकारी डॉक्टर सुन ले CM योगी का फरमान नहीं तो …..

लखनऊ : उप्र के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने लखनऊ के के जीएमयू को आज 56 नए वेंटिलेटर की सौगात सौंपी।

यहां उन्होंने अपने भाषण में कहा कि डॉक्टरों को अब मरीजों के प्रति अधिक संवेदनशील होकर काम करना चाहिए। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं ही हमारा लक्ष्य हैं।

योगी ने कहा कि डॉक्टरों को अपनी प्राथमिकता मरीज का इलाज करना रखना चाहिए और पैसे नहीं, सेवा के लिए काम करना चाहिए।

सरकारी डॉक्टरों को प्राइवेट प्रैक्टिस करने से भी उन्होंने  मना किया। उन्होंने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक सेवा का लाभ पहुंचना चाहिए, इसलिए डॉक्टरों की संवेदनशीलता ऐसे में बहुत जरूरी है।

इस दौरान योगी ने कहा “यूपी की पिछली सरकार ने गोरखपुर के अच्छे डॉक्टर्स को सैफई और कन्नौज भेज दिया. हम आखिरी शख्स तक पहुंच कर सबको मेडिकल सुविधा मुहैया कराना चाहते हैं. गोरखपुर को अच्छे डॉक्टर्स की जगह बूचड़खाने दिए गए ।

लखनऊ के केजीएमयू में सीएम योगी आदित्यनाथ ने 56 वेंटिलेटर का लोकार्पण किया. सीएम ने साथ ही कहा, “बीमारी सिर्फ भौतिक शरीर का उपचार नहीं, आपकी संवेदना पर निर्भर करता है. कोई अस्पताल नहीं है जहां जूनियर डॉक्टर और गरीब मरीजों में मारपीट न होती हो. जूनियर डॉक्टर झुंड बनाकर मरीजों पर टूट पड़ते हैं ।

योगी ने गांवों में डॉक्टरों को काम करने की नसीहत देते हुए कहा, “सरकार कोई कानून बनाए, नियम बनाए उससे अच्छा है कि गांवों में जाकर लोगों का इलाज करें. हर शख्स सिफारिश करता है कि वह शहर में रहे, मेडिकल कॉलेज से पैसा लेकर प्राइवेट में जाकर प्रैक्टिस कर रहा है ।

गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ ने 19 मार्च को सूबे की सत्ता संभाली है. । मंगलवार को पहली कैबिनेट बैठक में यूपी सरकार ने प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों का 36 हजार करोड़ से ज्यादा का फसली कर्ज माफ कर दिया था । तकरीबन 86 लाख किसानों को इससे फायदा होगा ।

 

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