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कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर दिखी अलग तरह की ‘गो-भक्ति’

प्रतापगढ़:हिन्दू धर्म में गौ-सेवा को देव सेवा का रूप मानकर सर्वोपरि पूर्ण कार्य माना गया है इसी भावना के साथ जन्माष्टमी के अवसर पर रविवार को प्रतापगढ़ जनपद के सगरा सुंदर में रामलली सेवा संस्थान(गऊशाला)द्वारा विधि विधान और श्रद्धापूर्वक गौपूजन और हवन कार्यक्रम आयोजन हुआ ।

विश्व हिंदू परिषद परिषद गौ रक्षा विभाग के प्रान्त उपाध्यक्ष दया शंकर पाण्डेय और उनकी पत्नी प्रतिभा पाण्डेय गौशाला की सभी गायों को नहला धुलाकर पूजन किया और उसके पश्चात गायों को पकवान व फल खिलाये गौ प्रेमियों ने कीर्तन करते हुए आदि के साथ शोभा यात्रा निकाली जिसमे क्षेत्र व आसपास के ग्रामीण नर नारी और बच्चे सम्मिलित हुए ।

दूसरी माँ गऊ माता –
प्रतिभा पाण्डेय ने बताया कि धरती पर दो माँ है एक जन्म देने वाली माँ दूसरी गऊ माता
गौ माता की सेवा से बहुत बड़ा पुण्य प्राप्त होता है उन्होंने कहा कि गौ सेवा से जीवन के समस्त पूर्ण हो जाते है ।

गाय की पूजा लाभकारी होगी –
पूजन और अनुष्ठान करा रहे पण्डित गणेश तिवारी ने जन्म कुंडली में यदि शुक्र अपनी नीच राषि कन्या पर हो या शुक्र की दशा चल रही हो तो प्रातःकाल के भोजन में से एक रोटी सफेद रंग की देशी गाय को 1 महीने 15 दिन तक लगातार खिलाने से शुक्र का नीचत्व एवं शुक्र संबंधित कुदोष अपने आप ही खत्म हो जाता है कुंडली में अगर पितृदोष है तो भी सफेद गाय को रोटी खिलाने से वह हमेशा के लिए दूर हो जाएगा ।

गाय की सेवा से तीर्थ करने के बराबर पुण्य-
वही दया शंकर पाण्डेय हिन्दू धर्म में गौ पूजा का खास महत्व है कि जो व्यक्ति, गाय माता की सेवा और सब प्रकार से उनका अनुगमन करता है उस पर संतुष्ट होकर गाय माता उसे अत्यन्त दुर्लभ वर प्रदान करती हैं गाय की सेवा से तीर्थ करने के बराबर पुण्य मिलता है गाय की सेवा करने वाले व्यक्त‍ि के जीवन में सुख एवं समृद्धि बनी रहती है ।
@राम मिश्रा

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