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सुहागरात को होता है दुल्हन का वर्जिनिटी टेस्ट, फेल होने पर मिलती है ये सज़ा

कंजरभाट समुदाय के कुछ युवाओं ने अपनी जाति पंचायत के कथित अन्यायपूर्ण व्यवहारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस समुदाय में विवाह की इजाजत के लिए पैसे की मांग और पहली रात दुल्हन का ‘वर्जिनिटी टेस्ट’ कराया जाता है।

युवाओं ने एक ‘स्टॉप द V रिचुअल’ नाम से वॉट्सएेप ग्रुप बनाया है, जिसमें करीब 40 सदस्य हैं। पुणे की रहने वाली और इस ग्रुप की सदस्य प्रियंका तमाईचेकर ने कहा कि ‘वी’ का मतलब वर्जिनिटी टेस्ट से है। उन्होंने कहा, ‘आज भी कंजरभाट समुदाय में दुल्हनों का वर्जिनिटी टेस्ट होता है।

नए जोड़े को एक होटल के कमरे में ले जाकर दूल्हे को एक सफेद बेडशीट दी जाती है। उसे इसका इस्तेमाल सेक्स के दौरान करने को कहा जाता है। हैरानी की बात है कि जाति पंचायत के लोग कमरे के बाहर ही बैठे रहते हैं। अगर दूल्हा खून का धब्बा लगी चादर लेकर कमरे से बाहर आता है तो दुल्हन टेस्ट पास कर लेती है। लेकिन अगर खून नहीं आता तो पंचायत सदस्य दुल्हन के किसी और के साथ अतीत में रिलेशनशिप होने का आरोपी ठहरा देते हैं’।

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प्रियंका ने कहा, ‘इतना ही नहीं, इसके बाद दुल्हन को जाति पंचायत के कानूनों के तहत सजा दी जाती है। लेकिन दूल्हे का कोई भी टेस्ट नहीं कराया जाता। उन्होंने कहा, मैंने एेसे भी मामले देखें हैं, जिसमें अगर दुल्हन वर्जिनिटी टेस्ट पास नहीं कर पाती, तो उसे न सिर्फ प्रताड़ित बल्कि बुरी तरह मारा-पीटा जाता है।

एेसी कुरीतियों पर लगाम लगाई जानी चाहिए’। मुंबई के टाटा इंस्टिट्यूट अॉफ सोशल साइंसेज से मास्टर्स कर चुके प्रियंका के भाई विवेक ने यह ग्रुप बनाया है। उन्होंने कहा, मैं भी कंजरभाट समुदाय से आता हूं और मेरी अगले साल मई में शादी है। मेरे मंगेतर और मैं इस प्रथा के खिलाफ हैं।

इसी साल 25 नवंबर को इस ग्रुप के एक सदस्य सिद्धांत इंद्रेकर (21) ने पुणे के विशरंतवाड़ी पुलिस थाने में जाति पंचायत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुणे के यरवदा के कंजरभाट नगर के रहने वाले सिद्धांत ने दावा किया है कि उन्होंने एक मामले को कैमरे में कैद भी किया है, जिसमें जाति पंचायत ने दूल्हा और दुल्हन की शादी कराने के लिए 10 हजार रुपये लिए थे। उन्होंने सभी सबूत भी पुलिस को दिए थे।

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लेकिन 8 दिसंबर को पुलिस ने कहा कि उन्होंने सबूत के आभाव में केस बंद कर दिया। गौरतलब है कि सिद्धांत की शिकायत पर कंजरभाट समुदाय के लोगों को 29 नवंबर को पुलिस स्टेशन बुलाया गया था। इन सदस्यों ने माना कि पंचायत सक्रिय है और विभिन्न कार्यक्रमों के लिए पैसे लिए जाते हैं। हैरानी की बात है कि कुछ महिलाओं ने खुले आम वर्जिनिटी टेस्ट का विरोध भी किया।

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