नई दिल्ली: देशभर में नौकरीपेशा लोगों को ऑफिस के बाद भी फोन पर व्यस्त देखा जाता है। इसके अलावा कभी घर बैठकर वे ईमेल भी करते रहते हैं। इससे सिर्फ उनकी निजी जिंदगी पर प्रभाव पड़ता है बल्कि उनके परिवार को भी उनका पूरा समय नहीं मिल पाता। ऐसे में लोकसभा में एनसीपी की सांसद सुप्रिया सुले ने एक प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया है।

इस बिल के बारे में जानकर सभी नौकरीपेशा लोग खुश हो जाएंगे। दरअसल इस बिल के अनुसार अगर एक बार आपके नौकरी ऑवर्स पूरे हो जाते हैं तो आपको पूरा अधिकार है कि आप ऑफिस के किसी कॉल या ईमेल का जवाब न दें।

राइट टू डिस्कनैक्ट नाम से ये बिल इसलिए लाया जा रहा है ताकि कर्मचारियों के स्ट्रेस को कम किया जा सके। जिससे कि कर्मचारी की दफ्तरी और निजी जीवन के बीच का तनाव खत्म हो जाएगा। बता दें कि न सिर्फ भारत में बल्कि कई अन्य देशों में भी इस तरह के बिल को लेकर चर्चा चल रही है। फ्रांस, न्यूयार्क और जर्मनी में इसे पेश किया गया। ये विधेयक 28 दिसंबर को पेश किया गया और इसमें कहा गया कि एक कर्मचारी कल्याण प्राधिकरण की स्थापना की जाएगी. इस प्राधिकरण के भीतर आईटी, लेबर मंत्री और कम्यूनिकेशन शामिल होंगे।