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अफगानिस्तान: कंधार में आर्मी कैंप पर आतंकी हमला, 43 जवानों की मौत

कंधार : अफगानिस्तान के कंधार में तालिबानी आतंकियों ने आर्मी कैंप पर हमला किया है, जिसमें अब तक 43 जवानों के मरने की पुष्टी की गई है। आतंकियों ने मयवांड स्थित अफगान नेशनल आर्मी बेस के भीतर बम विस्फोट किया और गोलीबारी की। टोलो न्यूज के मुताबिक, गाड़ियों पर सवार दो आत्मघाती हमलावरों ने हमला किया। सांसद खालिद पश्तून ने कहा कि 43 जवानों की मौत हुई है। आतंकियों ने बम विस्फोट से पहले सुरक्षाबलों पर गोलीबारी भी की।

साउथ कंधार प्रोविंस के माईबंद आर्मी कैम्प पर हुए आतंकी हमले में कम से कम 43 सैनिकों की मौत हो गई है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस प्रॉविंस से पार्लियामेंट मेंबर खालिद पश्तून ने यह जानकारी दी है। एक ऑफिशियल के मुताबिक, आतंकियों ने दो कार में सुसाइड बम ब्लास्ट किया था।

अफगानिस्तान की तोला न्यूज एजेंसी ने भी सूत्रों के हवाले से 43 लोगों की मौत की पुष्टि की है। उसका कहना है इस हमले में कम से कम 9 लोग जख्मी हुए हैं। मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है।

31 जुलाई को हुए ब्लास्ट में 90 लोगों की हुई थी मौत
– बता दें कि 31 जुलाई को काबुल में इंडियन एंबेसी से करीब 100 मीटर दूर हुए ब्लास्ट में 90 लोगों की मौत हो गई थी। 300 से ज्यादा जख्मी हुए थे।
– जांच में पता चला था कि इस हमले में करीब 1500 किलो एक्सप्लोसिव का इस्तेमाल किया गया था। यह एक्सप्लोसिव एक टैंकर में लाया गया था।

हमलों में सबसे ज्यादा पिछले साल हताहत हुए
– यूनाइटेड नेशन्स असिस्टेंस मिशन इन अफगानिस्तान (UNAMA) की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल अफगानिस्तान में हमलों में 3498 आम लोगों की मौत हुई थी। 7920 लोग घायल हुए। यानी 11418 लोग हताहत हुए। पिछले आठ सालों में यह आंकड़ा सबसे ज्यादा था। 2015 की तुलना में इसमें 2% का इजाफा हुआ था।
– UNAMA की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल मार्च तक अफगानिस्तान में एयर स्ट्राइक और आतंकी हमलों में 715 लोगों की मौत हुई थी। 1466 लोग घायल हुए थे।

अमेरिकी फौज आने के बाद बढ़ रही मुश्किलें
– आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिकी और विदेशी सेनाएं अफगानिस्तानी फोर्स की मदद करती रही हैं।
– फिलहाल, यहां 8400 अमेरिकी सैनिक और 5000 नाटो सैनिक हैं। इनका मुख्य काम सलाहकार के रूप में काम करना है।
– छह साल पहले तक यहां एक लाख से ज्यादा अमेरिकी सैनिक थे। 2011 से 2013 के बीच अमेरिकी फौज की वापसी के बाद यहां आतंकी हमलों में तेजी आई है।

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