हैदराबाद : तेलुगु देशम पार्टी के विधायक ए रेवांत रेड्डी को पांच करोड़ रुपये घूस देने के आरोप में आज जेल भेज दिया गया। उन्‍हें कल दोपहर अरेस्‍ट किया गया था। आरोप है कि राज्य विधान परिषद के लिए आज होने जा रहे चुनाव के दौरान टीडीपी-बीजेपी कैंडिडेट को वोट देने के लिए रेवांत ने नॉमिनेटेड एमएलए एल्विस स्टिफेन्सन को पांच करोड़ रुपये रिश्वत देने का प्रस्ताव रखा था। इसके पहले इन्स्टॉलमेंट के तौर पर 50 लाख रुपये देते वक्त एसीबी ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। कोर्ट ने उन्हें आज 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें एमएलसी इलेक्शन में वोट करने की अनुमति भी दे दी है।

दरअसल, एसीबी अधिकारी स्टीफेन्सन के पारिवारिक मित्र के उस फ्लैट पर पहुंचे जहां डील के तहत रुपयों का लेन-देन होना था। रविवार को रेवांत दोपहर 2.30 बजे फ्लैट पर पहुंचे। तब स्टीफेन्सन विजयपुरी कॉलोनी के निलयम अपार्टमेंट के फ्लैट एफ-4 में ही मौजूद थे। रेवांत ने वहां पहुंचते ही स्टीफेन्सन को 50 लाख रुपये नकद दिए और एसीबी अधिकारियों ने वहां धावा बोल दिया। एसीबी ने अधिकारियों ने सबूत के तौर पर पूरी घटना की विडियो-ऑडियो रिकॉर्डिंग भी कर ली है।

तेलंगाना एसीबी के डीजी एके खान ने बताया, ‘हमने आईपीसी की धारा 120बी और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन ऐक्ट की धारा 12 के तहत एमएलए रेवांत रेड्डी और दो अन्य लोगों, उदय सिम्हा और बिशॉप सेबस्टियन हैरी, के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज कर लिया है, जिन्होंने विधायक स्टीफेन्सन को घूस के तौर पर 50 लाख रुपये दिए थे। दो दिन पहले स्टीफेन्सन ने यह कहते हुए हमारे यहां शिकायत की थी कि रेवांत रेड्डी ने उन्हें घूस देने का ऑफर दिया है। इस शिकायत पर हमने कुछ सबूत जुटाए, फिर मामला दर्ज कर जाल बिछा दिया। हम तीनों आरोपियों के बयान ले रहे हैं। मामले में चौथा आरोपी जेरूसलेम अब भी फरार है।

बहरहाल, एमएलसी इलेक्शन से एक दिन पहले विधायक की गिरफ्तारी ने विपक्ष को मुद्दा थमा दिया है। सत्ताधारी तेलंगाना राष्ट्र समिति के हमले के बीच टीडीपी अपने आरोपी विधायक रेवांत के साथ खड़ी तो है लेकिन उसे सफाई देते नहीं बन रहा। टीआरएस ने उसके पांच विधायकों को पहले ही तोड़ लिया था। टीडीपी रेवनाथ पर लगे आरोपों का खंडन करते हुए सरकार पर आरोप लगा रही है कि वह एमएलसी चुनाव से पहले टीडीपी की छवि खराब करने की कोशिश में जुटी है।

सूत्रों की मानें तो स्टीफेन्सन ने टीडीपी के साथ बहुत गहरी चाल चली है। उन्होंने ही अपने एक करीबी के जरिए टीडीपी को यह संदेश भिजवाया था कि वह पार्टी का सहयोग करने को तैयार हैं। उनके करीबी ने टीडीपी से कहा था कि स्टीफेन्सन टीआरएस में उपेक्षित महसूस कर रहे हैं इसलिए वह पार्टी बदलना चाहते हैं। स्टीफेन्सन के इस प्रस्ताव ने टीडीपी खेमे में उम्मीद की लहर दौड़ा दी थी क्योंकि वह एमएलसी चुनाव में अपने प्रत्याशी की जीत पक्की करने के लिए ज्यादा से ज्यादा एमएलए के समर्थन की तलाश में पहले से ही थी। ऐसे में दोनों ओर से बात आगे बढ़ी जिसे एसीबी अधिकारी रिकॉर्ड करते रहे और आखिर में रविवार को रेवांत गिरफ्त में आ गए। सूत्र बताते हैं कि पूरा प्रपंच सत्ताधारी टीआरएस की जानकारी में रचा गया जबकि टीडीपी इसे पकड़ने में नाकामयाब रही। -एजेंसी

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