कोरोना का कहर, बिहार में 16 से 31 जुलाई तक रहेगा लॉकडाउन

बिहार में अब भी एक्टिव मरीजों की संख्या 4923 है। जबकि 10 जुलाई की दोपहर बिहार में 14,330 कोविड पॉजिटिव थे। लेकिन 13 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक संक्रमितों की तादाद बढ़कर 17,421 हो गई। वहीं 10 से 13 जुलाई के बीच 23 लोगों की मौत हुई है, जिसमें दो डॉक्टर भी शामिल हैं।

कोरोना महामारी के बढ़ते दायरे के बीच बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। आला अधिकारियों संग मीटिंग के बाद नीतीश सरकार ने बिहार में एक बार फिर से लॉकडाउन करने का फैसला किया है।

कोरोना की रोकथाम को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए एक बार फिर से संपूर्ण लॉकडाउन कर दिया गया है। जिसके बाद अब बिहार में 16 से लेकर 31 जुलाई तक टोटल लॉकडाउन रहेगा। हालांकि इस दौरान सभी इमरजेंसी सेवाएं सुचारू रूप से जारी रहेंगी।

बिहार सरकार ने यह फैसला मंगलवार को मुख्य सचिव दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (सीएमजी) की बैठक के बाद लिया।

फैसले से पहले मुख्य सचिव ने सभी जिलों के जिला अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा बैठक की। इस बैठक में सभी जिलोंं के सिविल सर्जन भी उपस्थित रहे। लॉकडाउन लागू किए जाने की जानकारी डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने दी।

गौरतलब है कि पूरे बिहार समेत पूरे देश में 24 मार्च की रात से 31 मई तक पूर्ण लॉकडाउन रहा। इसके बाद जून में अनलॉक-1 और फिर जुलाई में अनलॉक-2 लागू हुआ, लेकिन इस दौरान कोरोना संक्रमण बढ़ता गया जिसके बाद राज्य सरकार को एहतियातन फिर लॉकडाउन का फैसला करना पड़ा।

बता दें कि प्रदेश में मंगलवार दोपहर ढाई बजे तक कुल संक्रमितों की संख्या 17421 हो चुकी है। जिनमें से 12364 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। जबकि 134 लोगों की मौत हो चुकी है।

यानी बिहार में अब भी एक्टिव मरीजों की संख्या 4923 है। जबकि 10 जुलाई की दोपहर बिहार में 14,330 कोविड पॉजिटिव थे। लेकिन 13 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक संक्रमितों की तादाद बढ़कर 17,421 हो गई। वहीं 10 से 13 जुलाई के बीच 23 लोगों की मौत हुई है, जिसमें दो डॉक्टर भी शामिल हैं।