Home > E-Magazine > बने ये जन-जन का अभियान, यही है ‘प्रभाष’ का पैगाम

बने ये जन-जन का अभियान, यही है ‘प्रभाष’ का पैगाम

साथियो, हुए कुछ यूं की प्रभाष त्रिपाठी के परिवार में एक नन्हे मेहमान का आगमन हुआ। काफी समय बाद उनके छोटे भाई के यहाँ बेटे का जन्म हुआ। मौका अत्यंत खुशी का था। सभी परिजन मूल निवास नारायणपुर तिवारी, महराजगंज, हर्रैया, बस्ती (यूपी) में इकठ्ठे हुए।

प्रभाष जी को बचपन से ही गांव की मिट्टी और हरेभरे पेड़ो से बहुत लगाव रहा है। यू तो प्रभाष त्रिपाठी दिल्ली के एक बड़े मेडिकल क्षेत्र के कारोबारी है।
उनका साफ मानना है कि जीवन तभी तक है, जब तक हमारे आसपास हरेभरे पेड़ पौधे मौजूद है। पेड़ रहेंगे तो ही इंसानी जिंदगी बच पाएगी।

इसी ‘पेड़ लगाओ-जीवन बचाओ’ की भावना से उन्होंने आम के पेड़ बाटने का संकल्प लिया और पिछले दिनों उन्होंने गांव में 600 आम के पेड़ बाटे और बड़ी संख्या में मौजूद लोगों से पेड़ो की रक्षा की कसम ली।

भतीजे के नामकरण कार्यक्रम में उन्होंने घोषणा की थी कि वो सभी को एक-एक आम का पौधा देगे।
प्रभाष जी की पेड़ लगाओ की पहल को घर मे आये नन्हे मेहमान के जन्म से जोड़ना भी उनकी एक बेहतर भावनात्मक रिश्ते की सोच को आगे ले जाने की पहल है।

अब उनका संकल्प है कि भतीजे ‘प्रत्युष’ की पहली सालगिरह पर अगले वर्ष 15 मई के दिन 1000 आम के पेड़ जनता तक पहुचाये।
हमारे देश मे लाखो बच्चो का रोज जन्म होता है, किउ न आप भी घर में जन्म लेने वाले बच्चों के नाम से पेड़ लगाए।

@शाश्वत तिवारी

Facebook Comments

Our News Network and website neither have any collaboration and connection directly nor indirectly with “India Today Group/ITG” ,TV Today Network, Channel Tez TV media group .