संजय बारू की किताब पर बनी फिल्म ‘द ऐक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ को लेकर शुक्रवार को विवाद बढ़ गया, जब इस फिल्म के 11 जनवरी को प्रस्तावित प्रदर्शन के खिलाफ भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के एक वरिष्ठ नेता का धमकी भरा संदेश सोशल मीडिया पर सामने आया।

एनएसयूआई की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष विपिन वानखेड़े की फेसबुक प्रोफाइल पर अनुपम खेर अभिनीत फिल्म का ट्रेलर पोस्ट करते हुए लिखा गया, ‘जो भी थिअटर इस झूठी फिल्म को दिखाने का प्रयास करेगा, उस थिअटर के नुकसान की जिम्मेदारी उसके मालिक की होगी।’

इस विवादास्पद पोस्ट के संबंध में वानखेड़े से संपर्क की कई बार कोशिश की, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। उधर, सूबे की सत्ता से हाल ही में बाहर हुई बीजेपी ने इस मामले में कांग्रेस पर निशाना साधने में देर नहीं की।

प्रदेश बीजेपी प्रवक्ता उमेश शर्मा ने कहा, ‘राज्य में कांग्रेस की सरकार बने अभी चंद रोज हुए हैं। लेकिन उसकी बेलगाम छात्र इकाई अभिव्यक्ति की आजादी का हनन करते हुए अराजकता का माहौल बना रही है।’

उन्होंने मांग की कि सूबे के नए मुख्यमंत्री कमलनाथ ‘द ऐक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ दिखाने वाले सभी सिनेमाघरों को पुख्ता सुरक्षा प्रदान किए जाने का आदेश तत्काल जारी करें।

शर्मा ने कहा, ‘अगर राज्य में इस फिल्म को दिखाने वाले किसी भी सिनेमाघर को नुकसान पहुंचाया गया, तो भाजपा सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी।’

बता दें कि संजय बारू की किताब पर बनी फिल्म ‘द ऐक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ साल 2019 के लोकसभा चुनावों से कुछ महीने पहले रिलीज होने वाली है।

कांग्रेस नेताओं ने इस फिल्म को अपनी पार्टी के खिलाफ बीजेपी का दुष्प्रचार करार दिया है।

वहीं, मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर बनी फिल्म ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ पर प्रतिबंध लगाने के इनकार कर दिया है।

इस फिल्म में मनमोहन सिंह का किरदार अभिनेता अनुपम खेर ने निभाया है। वहीं, कांग्रेस के कुछ नेताओं ने इस फिल्म पर प्रतिबंध की वकालत करते हुए कहा कि कम से कम फिल्म में से आपत्तिजनक दृश्य हटाए जाने चाहिए।

कांग्रेस की प्रदेश ईकाई ने इसे बीजेपी का ‘प्रॉपेगैंडा’ बताते हुए इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।