chhote sarkarनई दिल्ली – पहली बार छुट्टी के दिन शनिवार को राजस्थान हाईकोर्ट ने किसी केस की सुनवाई हुई . और पहली बार ढाई साल का कोई मासूम यहां पेश किया गया. मामला इसी मासूम की कस्टडी से जुड़ा है. बच्चे के दादा दादी का आरोप है कि उसे एक तांत्रिक के हवाले कर दिया गया है जो उसकी बलि भी दे सकता है |

दरअसल, बच्चे की लेक्चरर मां और बिल्डर पिता ने मध्य प्रदेश के खंडवा में रामदयाल उर्फ छोटे सरकार को उसे गोद दे दिया है. लेकिन मासूम के दादा-दादी का आरोप है कि रामदयाल एक तांत्रिक है और बच्चे पर जादू टोना करेगा. उन्हें डर है कि मासूम की बलि भी दे सकता है |

बच्चे के दादा ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मांग की कि बच्चे की कस्टडी उन्हें दे देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर बच्चे के मां-बाप उसे नहीं रखना चाहते तो उसे उसके दादा-दादी को सौंप दिया जाना चाहिए ना ही किसी तांत्रिक को |

इस मामले पर शुक्रवार को भी कोर्ट में सुनवाई हुई. जज ने मां-बाप को आदेश दिया कि वो बच्चे को शाम 6 बजे तक कोर्ट में पेश करें. जब बच्चा कोर्ट नहीं पहुंचा तो जज ने कहा, ‘बच्चे को ले आइये, हम रात तक इंतजार करेंगे.’ लेकिन अभिभावकों ने तब भी बच्चे को हाजिर करने में असमर्थता दिखाई जिसके बाद शनिवार को भी सुनवाई की तारीख तय की गई |

कोर्ट ने बच्चे के मां-पिता से सवाल किया है कि कहीं उनका ‘बच्चे की बलि देने का इरादा तो नहीं है?’ इसपर उन्होंने जवाब दिया कि वो पढ़े लिखे हैं और सोच समझकर बच्चे को गोद देने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि रामदयाल ने बच्चे को पढ़ाने लिखाने और विदेश भेजने का वादा किया है. इस दंपति का एक आठ साल की भी एक बेटा है |

 विवाद निराधार 

संत छोटे सरकार समर्थक सुनील जैन ने तेज़ न्यूज़ को बताया की विधिवत राजस्थान के एक परिवार की सहमति से बच्चे को दत्तक लिया। उन्होंने दादाजी धाम खण्डवा में आकर इस प्रक्रिया को पूर्ण किया था. सब कुछ राजी ख़ुशी हुआ है इसमें पुरे परिवार की सहमति थी। यह विवाद निराधार है, छोटे सरकार बेहद सज्जन, संवेदनशील व्यक्ति है ऐसी आशंका वयक्त करना गलत है।

सेवा निवृत मेजर आर के टंडन – छोटे सरकार के अधिकृत प्रवक्ता छोटे सरकार के अधिकृत भक्त टण्डन ने तमाम आरोपों को झुठलाते हुए कहा की छोटे सरकार एक संत है , यहां तंत्र विद्या का कोई स्थान नहीं है , गुरु शिष्य परम्परा के अनुसार बच्चे को विधिवत गोद लेने के बाद उसे अपना उत्तराधिकारी घोषित किया , दुरूपयोग के आरोप झूठे है,

कौन है गोद देने वाली दंपत्ति।
 बच्चा अनंतदयाल बना छोटे सरकार का उत्तराधिकारी, पंजीयन भी कराया। छोटे सरकार को गुरुपूर्णिमा से पहले अपना उत्तराधिकारी मिल गया। छह माह के बच्चे को उन्होंने विधिवत गोद लिया। पंजीयन की प्रक्रिया भी पूरी की। बच्चे का नाम अनंतदयाल रखा। छोटे सरकार को अपना बच्चा गोद देने वाले जयपुर निवासी पवन पुरोहित के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा 7 साल का है।

बच्चे को गोद लेने के लिए गुरुजी की इच्छा थी, इसलिए उन्हें छोटा बेटा गोद दिया है। उन्होंने कहा मूल रूप से हम अजमेर के रहने वाले हैं। पत्नी पूजा के साथ ही परिवार के लोग भी साथ आए हैं। 

23 जुलाई वर्ष 2015सुबह यहां दादाजी धाम में दर्शन पूजन करने के लिए आए छोटे सरकार बच्चे को गोद में लेकर पहुंचे। मंदिर में अनुष्ठान के बाद अनंतदयाल छोटे सरकार के पुत्र बन गए। छोटे सरकार ने कहा हमारा मूल स्थान खंडवा है इसलिए यहां पर गोद लिया। दादाजी से प्रार्थना करेंगे कि यह हमारे जैसा बने। 

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