दो भारतीयों की पाक में गिरफ्तारी पर विदेश मंत्रालय ने जताई हैरानी, कहा- इन्हें न बनाया जाए शिकार

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नई दिल्लीः पाकिस्तान में दो भारतीय नागरिकों को अवैध घुसपैठ के आरोप में कुछ दिन पहले ही गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने अपने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि, हमें पता चला है कि दो भारतीय नागरिक थे, जो अनजाने में 2016-17 में पाकिस्तान की सीमा में चले गए थे। उस वक्त हमने पाकिस्तान के अधिकारियों को सूचित किया था। इसके बाद से हमें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अचानक उनकी गिरफ्तारी की घोषणा हमारे लिए आश्चर्य का विषय है।

रवीश कुमार ने कहा कि, हमें उम्मीद है कि इन दो भारतीय नागरिकों (प्रशांत और बारी लाल) का उपयोग पाकिस्तान अपने दुष्प्रचार के लिए नहीं करेगा और ये उनके शिकार नहीं होंगे। इसके लिए हमने पाकिस्तान सरकार से संपर्क किया है और उन्हें तत्काल राजनयिक पहुंच देने के लिए अनुरोध किया है।

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान रवीश कुमार ने बताया कि, बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना शुक्रवार को पीएम मोदी के अनुरोध पर कोलकाता का दौरा करने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यह उनके दौरे का सबसे उपयुक्त समय है। कल भारत में पहली बार डे-नाइट टेस्ट मैच का शुभारंभ होने जा रहा है। हम चाहते थे कि इसका उद्घाटन भारत के एक अच्छे दोस्त द्वारा किया जाए, यही कारण है कि वह कोलकाता के दौरे पर आ रही हैं।

रवीश कुमार ने करतारपुर जाने वाले श्रद्धालुओं को पासपोर्ट प्राप्त करने में आ रही परेशानी पर जवाब देते हुए कहा कि, ‘हमें पता चला है कि लोगों को पासपोर्ट प्राप्त करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। हमारे पास फिलहाल तीन पासपोर्ट कार्यालय और पांच पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) और छह पासपोर्ट कार्यालय और पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSKs) पंजाब में हैं। डेरा बाबा नानक में हम एक और पासपोर्ट कार्यालय और पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) खोल रहे हैं। साथ ही इसके लिए अलग से छह पासपोर्ट शिविर लगाए जाएंगे।

बता दें कि, पाकिस्तान में दो भारतीय नागरिकों को अवैध घुसपैठ के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इनकी पहचान मध्य प्रदेश के प्रशांत और तेलंगाना के डारीलाल के रूप में हुई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ये दोनों पाकिस्तान में अवैध तरीके से घुसने की कोशिश कर रहे थे। दोनों को पंजाब प्रांत के पूर्वी शहर बहावलपुर से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि इनके पास पर्याप्त दस्तावेज नहीं थे और इनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

इससे पहले अगस्त में पाकिस्तानी पुलिस ने पंजाब प्रांत के डेरा गाजी खान शहर से राजू लक्ष्मण नाम के शख्स को जासूसी के शक में गिरफ्तार किया था। बाद में उसे खुफिया एजेंसियों को सौंप दिया गया था। आरोपों के मुताबिक उसने बलूचिस्तान प्रांत से प्रवेश किया था। पाकिस्तानी जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को भी यहीं से गिरफ्तार करने का दावा किया गया था।

पाकिस्तान में अवैध रूप से दाखिल होने के दौरान गिरफ्तार दो भारतीयों में से एक तेलंगाना का सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। प्रशांत वेनधाम के परिजनों का कहना है कि वह 2017 से लापता है। टीवी पर पाकिस्तान में उसके पकड़े जाने की खबर देखकर परिवार ने उसे पहचाना।

31 वर्षीय प्रशांत लापता होने से पहले माधापुर में शोर इन्फो टेक कंपनी में काम करता था। उसके पिता बाबूराव वेनधाम ने बताया, मेरा बेटा 11 अप्रैल, 2017 को सुबह नौ बजे दफ्तर के लिए निकला और घर नहीं लौटा। बेटे ने पहले एक महिला सहकर्मी के बारे में बताया था, जो उससे शादी करना चाहती थी।

वह बंगलूरू में काम करती थी। बाद में पता चला कि वह स्विट्जरलैंड चली गई और प्रशांत उससे मिलना चाहता था। उसके भारत वापस आने के बाद ही सब पता चलेगा।